ElectoralRoll – मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में बढ़ी दलों की सक्रियता
ElectoralRoll – देहरादून में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस प्रक्रिया के तहत बूथ स्तर पर राजनीतिक दलों की भागीदारी भी बढ़ती दिखाई दे रही है। जिला निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में बूथ लेवल एजेंटों की नियुक्ति का काम तेजी से चल रहा है और प्रमुख दलों ने अधिकांश बूथों पर अपने प्रतिनिधि तैनात कर दिए हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में बताया कि जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों में स्थित 1,882 मतदान केंद्रों के लिए बड़ी संख्या में बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए गए हैं। भाजपा और कांग्रेस इस मामले में सबसे आगे हैं, जबकि कुछ अन्य दलों की भागीदारी अभी सीमित दिखाई दे रही है।
घर-घर पहुंचेंगे बूथ अधिकारी
प्रशासन ने जानकारी दी है कि पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 8 जून से बूथ स्तर के अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद भरे हुए फॉर्म एकत्र किए जाएंगे और डिजिटल माध्यम से अपलोड किए जाएंगे। यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, बूथ अधिकारी निर्धारित अवधि के दौरान कई चरणों में क्षेत्र का दौरा करेंगे ताकि अधिकतम पात्र नागरिक इस प्रक्रिया में शामिल हो सकें। मतदाताओं से समय पर जानकारी उपलब्ध कराने की अपील भी की गई है।
बड़ी संख्या में मतदाताओं का सत्यापन
जिला प्रशासन के मुताबिक, प्रारंभिक चरण में बड़ी संख्या में मतदाताओं का सत्यापन कार्य पूरा किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर मैपिंग और जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य पात्र मतदाताओं का सही विवरण सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की विसंगतियों को दूर करना है।
निर्वाचन विभाग ने राजनीतिक दलों से भी सहयोग की अपेक्षा जताई है ताकि प्रत्येक बूथ पर प्रभावी निगरानी और पारदर्शिता बनी रहे।
राज्यभर में चल रही है विशेष प्रक्रिया
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने बताया कि राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू हो चुका है। बूथ अधिकारियों का प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है और आवश्यक प्रपत्रों की छपाई भी समाप्त हो चुकी है। राज्यभर में लाखों मतदाताओं तक यह प्रक्रिया पहुंचाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के साथ लगातार संवाद किया जा रहा है ताकि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की जा सके। सभी दलों से प्रत्येक बूथ पर अपने एजेंट नियुक्त करने का आग्रह भी किया गया है।
ऑनलाइन भी उपलब्ध है सुविधा
निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं को डिजिटल सुविधा भी उपलब्ध कराई है। पात्र नागरिक संबंधित ऐप और पोर्टल के माध्यम से आवश्यक फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं तथा उन्हें भरकर ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। नए मतदाता भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं।
इसके अलावा पुरानी मतदाता सूची देखने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे लोग अपने नाम, मतदान केंद्र और अन्य विवरणों की पुष्टि कर सकें।
कुछ नियुक्तियों पर उठे सवाल
बैठक के दौरान एक राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों ने कुछ बूथों पर नियुक्त किए गए अधिकारियों और सहायक अधिकारियों को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। इस पर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सहायक कर्मियों की भूमिका केवल स्थानीय स्तर पर सहयोग प्रदान करने तक सीमित है और वे मुख्य अधिकारियों की सहायता करते हैं।
निर्वाचन विभाग ने भरोसा दिलाया कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जाएगी और सभी शिकायतों पर उचित ध्यान दिया जाएगा।