Encounter – देहरादून मुठभेड़ में कुख्यात अकरम ढेर, फिर चर्चा में आया पुराना मामला
Encounter – देहरादून में आधी रात हुई पुलिस मुठभेड़ में मारे गए बदमाश की पहचान शामली निवासी कुख्यात अपराधी अकरम के रूप में हुई है। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस कार्रवाई के बाद एक बार फिर 2014 के चर्चित नकरौंदा डकैती और हत्या मामले की यादें ताजा हो गईं, जिसमें पूर्व कृषि अधिकारी के बेटे अंकित थपलियाल की हत्या हुई थी।

देर रात हुई मुठभेड़ और आरोपी की पहचान
सूत्रों के अनुसार, पुलिस और बदमाशों के बीच यह मुठभेड़ देहरादून में देर रात हुई, जिसमें अकरम मारा गया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अकरम लंबे समय से फरार चल रहा था और उस पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। गिरफ्तारी और एनकाउंटर के बाद पुलिस ने उसकी पहचान की पुष्टि की।
2014 का नकरौंदा हत्याकांड फिर चर्चा में
अकरम का नाम 2014 में नकरौंदा क्षेत्र में हुए एक बड़े आपराधिक मामले से जुड़ा रहा है। उस घटना में पूर्व कृषि अधिकारी सुरेंद्र थपलियाल के घर में डकैती के दौरान परिवार पर हमला किया गया था। इस दौरान उनके 22 वर्षीय बेटे अंकित थपलियाल की गोली लगने से मौत हो गई थी। घटना में परिवार के अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हुए थे।
इस वारदात के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में चला गया था और लंबे समय तक सामान्य जीवन से दूर रहा।
परिवार और वकील ने उठाए सवाल
अकरम की मौत के बाद उसके परिजनों और वकील ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। वकील का कहना है कि अकरम दिन में उनके संपर्क में था और कोर्ट की तारीख के लिए गया हुआ था। वहीं परिवार का दावा है कि उसे शाम के समय पुलिस ने हिरासत में लिया था।
परिवार ने इसे संदिग्ध मुठभेड़ बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस का पक्ष और पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अकरम का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज थे। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई।
पुलिस रिकॉर्ड यह भी दर्शाते हैं कि अकरम पहले भी गिरफ्तारी और जेल की प्रक्रिया से गुजर चुका था और 2014 के मामले में उसकी भूमिका मुख्य आरोपी के रूप में रही थी।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और पुराने मामले
जानकारी के अनुसार, अकरम का एक भाई पहले भी पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है। परिवार में उसके अलावा अन्य सदस्य भी हैं और उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं।
परिवार का कहना है कि हाल के वर्षों में वह सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहा था और मजदूरी के जरिए परिवार का भरण-पोषण कर रहा था।
जमीन विवाद का भी उठाया गया मुद्दा
परिजनों ने यह भी दावा किया है कि हाल में एक जमीन विवाद को लेकर तनाव चल रहा था, जिसमें बड़ी आर्थिक संपत्ति शामिल है। हालांकि पुलिस ने इस दावे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है और मामले की जांच जारी है।
जांच की मांग और आगे की प्रक्रिया
घटना के बाद मामले ने नया राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। परिवार ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, जबकि पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की प्रक्रिया नियमों के अनुसार की गई है।
यह मामला एक बार फिर पुराने अपराध, न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस कार्रवाई को लेकर बहस को सामने ला रहा है।