उत्तराखण्ड

FireIncident – उत्तरकाशी के गांव में भीषण आग, 14 घर जलकर खाक

FireIncident – उत्तरकाशी जिले के मोरी ब्लॉक स्थित फिताड़ी गांव में देर रात भीषण आग लगने से भारी नुकसान हुआ। इस हादसे में 14 आवासीय मकान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए, जबकि गोशालाओं में बंधे पांच मवेशियों की भी मौत हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि ग्रामीणों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्हें अपनी जान बचाकर घरों से बाहर भागना पड़ा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है।

uttarkashi village fire 14 houses destroyed

रात में अचानक भड़की आग, तेजी से फैली लपटें
घटना सोमवार देर रात की बताई जा रही है, जब गांव निवासी प्रेम सिंह के बहुमंजिला मकान में अचानक आग लग गई। घर के अंदर मौजूद लोगों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। तेज लपटों ने देखते ही देखते आसपास के अन्य मकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया।

ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण वे इसे रोक नहीं सके। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही समय में 13 और घर इसकी चपेट में आ गए, जिससे पूरा इलाका अफरा-तफरी में बदल गया।

चार घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया काबू
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस, राजस्व विभाग और स्थानीय लोगों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब चार घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका।

हालांकि तब तक घरों में रखा राशन, कपड़े, बर्तन और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। इसके अलावा गोशालाओं में बंधी तीन गाय और दो भेड़ें भी इस हादसे में नहीं बच सकीं। प्रभावित परिवारों को अचानक खुले आसमान के नीचे आना पड़ा और वे फिलहाल पड़ोसियों के घरों में शरण लिए हुए हैं।

कई परिवारों को हुआ भारी नुकसान
इस अग्निकांड में गांव के कई परिवार पूरी तरह प्रभावित हुए हैं। प्रेम सिंह, कुंदन सिंह, रविंद्र सिंह, उमशाल सिंह, तिलक सिंह, नोनियाल सिंह समेत अन्य लोगों के घर पूरी तरह नष्ट हो गए। इसके अलावा कई परिवारों के अन्न भंडार और उसमें रखा खाद्यान्न भी जलकर खत्म हो गया।

यह घटना गांव के लिए बड़ी त्रासदी बनकर सामने आई है, क्योंकि एक ही रात में कई परिवारों की सालों की जमा पूंजी और घर पूरी तरह समाप्त हो गए।

ग्रामीणों ने मिलकर संभाली स्थिति
आग पर काबू पाने में आसपास के गांवों के लोगों ने भी अहम भूमिका निभाई। फिताड़ी के साथ-साथ रेकचा, कासला, हरपूरी, धारा, जखोल और साऊणी जैसे गांवों के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए। सामूहिक प्रयासों से ही आग को फैलने से रोका जा सका।

इस बीच आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने घटना को दुखद बताते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

राहत सामग्री और आर्थिक सहायता का वितरण
घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल राहत पहुंचाने की कोशिश शुरू कर दी है। एसडीएम पुरोला और राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों को प्राथमिक सहायता के रूप में प्रति परिवार पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद दी है। साथ ही राशन, टेंट और जरूरी घरेलू सामान भी वितरित किया गया है।

प्रशासन का कहना है कि आगे भी प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी और नुकसान का आकलन कर अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

फायर ब्रिगेड की पहुंच में आई दिक्कत
इस घटना में एक बड़ी चुनौती यह भी रही कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी समय पर गांव तक नहीं पहुंच सकी। मोरी मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित फिताड़ी गांव तक जाने वाला मार्ग पूरी तरह विकसित नहीं है। रास्ते में दलदली हालात होने के कारण दमकल वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाया, जिससे आग बुझाने में देरी हुई।

यह स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को भी उजागर करती है, जहां आपातकालीन सेवाओं की पहुंच अब भी सीमित बनी हुई है।

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