GreenTax – उत्तराखंड में CNG और हाइब्रिड वाहनों पर बढ़ सकता है शुल्क
GreenTax – उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले CNG और हाइब्रिड वाहनों को मिलने वाली Green Tax छूट आने वाले समय में समाप्त हो सकती है। परिवहन विभाग ने इस संबंध में राज्य सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है, जिसे वित्त विभाग की सहमति भी मिल चुकी है। अब इस संशोधित प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में रखा जाना है। मंजूरी मिलने के बाद नई व्यवस्था पूरे राज्य में लागू की जा सकती है।

केवल Electric Vehicles को राहत देने की तैयारी
सरकारी सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार परिवहन क्षेत्र में Electric Vehicles को अधिक प्रोत्साहन देने की रणनीति पर काम कर रही है। परिवहन विभाग का मानना है कि CNG और हाइब्रिड वाहन पर्यावरण के लिहाज से अपेक्षाकृत बेहतर जरूर हैं, लेकिन इन्हें पूरी तरह Electric Vehicles की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। पिछले कुछ वर्षों में इन वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे नीति में बदलाव की जरूरत महसूस की गई।
विभाग का तर्क है कि CNG और हाइब्रिड तकनीक का मुख्य उद्देश्य ईंधन की बचत करना है, जबकि Electric Vehicles पूरी तरह बैटरी आधारित होते हैं। अधिकारियों का कहना है कि हरे रंग की नंबर प्लेट वाले Electric Vehicles की पहचान Automatic Number Plate Recognition सिस्टम के जरिए भी आसानी से की जा सकती है। इसी आधार पर केवल EV श्रेणी को विशेष रियायत देने का सुझाव सरकार को भेजा गया है।
Green Tax की दरों में पहले ही हो चुका है बदलाव
उत्तराखंड सरकार ने फरवरी 2024 से राज्य के बाहर से आने वाले वाहनों पर Green Tax लागू किया था। शुरुआती चरण में इसकी दर अपेक्षाकृत कम रखी गई थी। उस समय वाहनों की श्रेणी के अनुसार 20 से 80 रुपये तक शुल्क लिया जाता था।
बाद में पर्यावरण संरक्षण और यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए मई 2025 में इसकी दरों में संशोधन किया गया। वर्तमान व्यवस्था के तहत अलग-अलग श्रेणियों के वाहनों से 80 रुपये से लेकर 700 रुपये तक Green Tax वसूला जा रहा है।
किन वाहनों को अभी तक मिली हुई है छूट
फिलहाल कई विशेष श्रेणी के वाहनों को Green Tax से राहत प्राप्त है। इनमें दोपहिया वाहन, केंद्र और राज्य सरकार के वाहन, अन्य राज्यों के सरकारी वाहन, कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर और ट्रेलर, रोड रोलर, कंबाइन हार्वेस्टर, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, शव वाहन तथा सेना के वाहन शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त Electric Vehicles, सौर ऊर्जा आधारित वाहन, हाइब्रिड और CNG वाहन भी अब तक इस शुल्क से मुक्त रखे गए हैं। हालांकि विभागीय स्तर पर तैयार प्रस्ताव में CNG और हाइब्रिड वाहनों की छूट समाप्त करने की सिफारिश की गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिया है कि कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इन वाहनों पर भी Green Tax लागू किया जा सकता है।
नई EV Policy पर भी तेजी से काम
राज्य में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने नई EV Policy का मसौदा तैयार कर सरकार को सौंप दिया है। इस नीति में Electric Vehicles की खरीद को बढ़ावा देने, Charging Infrastructure विकसित करने और निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रोत्साहनों का प्रस्ताव रखा गया है।
अधिकारियों के अनुसार, नई नीति में EV खरीद पर सब्सिडी, चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के विस्तार जैसे सुझाव शामिल हैं। राज्य सरकार का मानना है कि भविष्य में पर्यावरणीय चुनौतियों और ऊर्जा संबंधी जरूरतों को देखते हुए Electric Mobility को प्राथमिकता देना जरूरी होगा।