उत्तराखण्ड

Helicopter – पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, सुरक्षित बचे सभी यात्री

Helicopter – बदरीनाथ धाम से लौट रहे यात्रियों को लेकर उड़ान भर रहे एक चार्टर हेलीकॉप्टर को बुधवार को टिहरी जिले में आपात स्थिति के बीच खेतों में उतारना पड़ा। तेज हवा और दबाव के कारण हेलीकॉप्टर का संतुलन बिगड़ने लगा था, जिसके बाद पायलट ने समय रहते इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया। इस दौरान हेलीकॉप्टर का पिछला हिस्सा हाईटेंशन लाइन से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित बच गए।

helicopter emergency landing passengers safe

जानकारी के अनुसार, ट्रांस भारत एविएशन कंपनी का बेल-407 हेलीकॉप्टर बुधवार सुबह बदरीनाथ से दिल्ली के यात्रियों को लेकर लौट रहा था। उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर जौनपुर ब्लॉक के चंबा-आराकोट क्षेत्र के ऊपर पहुंचा, तभी मौसम की स्थिति अचानक चुनौतीपूर्ण हो गई।

तेज हवाओं ने बढ़ाई मुश्किल

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, हवा के दबाव और बदलते मौसम के कारण हेलीकॉप्टर पर नियंत्रण बनाए रखना मुश्किल हो रहा था। एडीएम शैलेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि उड़ान के दौरान हवा का दबाव लगातार बढ़ता गया, जिससे हेलीकॉप्टर नीचे की ओर खिंचने लगा।

स्थिति को गंभीर देखते हुए पायलट अनुपमा चौधरी ने तुरंत सुरक्षित स्थान तलाशना शुरू किया। कुछ देर तक मौसम से जूझने के बाद उन्होंने सत्यों-सकलाना क्षेत्र के पास खुले खेतों में हेलीकॉप्टर उतार दिया। इस दौरान हेलीकॉप्टर की टेल हाईटेंशन तारों की चपेट में आ गई, जिससे उसका पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।

सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया

हेलीकॉप्टर में पायलट समेत छह यात्री सवार थे। इनमें दिल्ली के पंजाबी बाग निवासी साहिल सूरी, राज सूरी, भूमि सूरी, पार्थ, हिमांशी पटेल और निवका शामिल थे। घटना के बाद प्रशासन और स्थानीय टीम तुरंत मौके पर पहुंची। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और बाद में सड़क मार्ग से देहरादून भेजा गया।

घटनास्थल मुख्य सड़क से लगभग 500 मीटर दूर बताया गया। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की। अधिकारियों ने कहा कि पायलट की सतर्कता और समय पर लिया गया फैसला बड़ा हादसा टालने में अहम साबित हुआ।

पायलट अनुपमा चौधरी ने साझा किया अनुभव

पायलट अनुपमा चौधरी ने बताया कि उड़ान के दौरान घाटी में हवा का दबाव काफी तेज था। उन्होंने हेलीकॉप्टर को ऊपर उठाने की कोशिश की, लेकिन हवाओं की दिशा लगातार नीचे की ओर दबाव बना रही थी। उन्होंने कहा कि अपने लंबे अनुभव में उन्होंने ऐसे हालात पहले भी देखे हैं, लेकिन इस बार यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता थी।

अनुपमा ने बताया कि उन्होंने यात्रियों को लगातार शांत रहने के लिए कहा और सुरक्षित लैंडिंग के लिए उपयुक्त स्थान की तलाश करती रहीं। कुछ समय तक मौसम से संघर्ष करने के बाद उन्हें खेतों का खुला इलाका दिखाई दिया, जहां हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा गया।

पर्वतीय उड़ानों में अनुभवी हैं अनुपमा

अनुपमा चौधरी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली हैं। वह भारतीय वायुसेना में करीब 15 वर्षों तक सेवाएं दे चुकी हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में उन्हें लगभग 1800 घंटे की उड़ान का अनुभव है। पिछले डेढ़ साल से वह ट्रांस भारत एविएशन कंपनी के साथ जुड़ी हैं और बदरीनाथ-केदारनाथ क्षेत्र में लगातार सेवाएं दे रही हैं।

उन्होंने बताया कि पहाड़ी इलाकों में मौसम का अचानक बदलना सामान्य बात है और यही कारण है कि यहां उड़ान संचालन हमेशा चुनौतीपूर्ण माना जाता है। अनुपमा के अनुसार, जब उन्हें लगा कि आगे उड़ान जारी रखना जोखिम भरा हो सकता है, तब उन्होंने बिना देर किए इमरजेंसी लैंडिंग का निर्णय लिया।

जांच के बाद आगे की कार्रवाई

हेलीकॉप्टर की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई है।

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