LandDispute – किच्छा भूमि विवाद में वाड्रा परिवार का नाम, कोर्ट में विचाराधीन है मामला
LandDispute – उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा में कृषि भूमि के स्वामित्व को लेकर चल रहा विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। इस मामले में प्रियंका गांधी वाड्रा और उनके पति रॉबर्ट वाड्रा का नाम सामने आने के बाद इसकी संवेदनशीलता बढ़ गई है। हालांकि भूमि के मालिकाना हक का मामला फिलहाल सिविल कोर्ट में लंबित है और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय के अंतिम आदेश के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं
भूमि विवाद को लेकर एडीएम पंकज उपाध्याय की मौजूदगी में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के साथ बैठक आयोजित की गई। वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे और संबंधित दस्तावेज प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए। बैठक के बाद अधिकारियों ने कहा कि चूंकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए प्रशासन स्वामित्व को लेकर कोई निर्णय नहीं ले सकता। फिलहाल प्राथमिकता क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की है।
भूमि पर दोनों पक्षों का अलग-अलग दावा
विवाद स्वर्गीय कुलसुम खान से जुड़ी कृषि भूमि को लेकर है। एक पक्ष की ओर से दावा किया गया है कि कुलसुम खान ने वसीयत के माध्यम से संपत्ति उनके नाम की थी। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि उनके पास वैधानिक उत्तराधिकार से जुड़े अभिलेख मौजूद हैं और भूमि पर उनका कब्जा लंबे समय से है। दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावों के समर्थन में कानूनी दस्तावेज होने की बात कही है।
राजनीतिक चर्चा भी तेज हुई
मामले में वाड्रा परिवार का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी शुरू हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष रवैया अपनाने की मांग की। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने भी इस प्रकरण को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी और विभिन्न आरोप लगाए। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अदालत के फैसले का इंतजार
बैठक के दौरान प्रशासन ने दोहराया कि भूमि के स्वामित्व से जुड़ा विवाद केवल न्यायालय के निर्णय के आधार पर ही सुलझाया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अदालत के आदेश से पहले किसी भी पक्ष के दावे पर प्रशासनिक स्तर पर फैसला नहीं लिया जा सकता। दोनों पक्षों को भी अपने-अपने तर्क न्यायालय के समक्ष रखने की सलाह दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था की गई मजबूत
विवाद को देखते हुए संबंधित कृषि फार्म और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और आवश्यकतानुसार कदम उठाए जा रहे हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने दोहराया है कि पूरा मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और आगे की कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुरूप ही होगी। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के समर्थन में कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं। ऐसे में इस विवाद का अंतिम समाधान न्यायालय के निर्णय के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।