उत्तराखण्ड

LPGCrisis – चारधाम यात्रा के बीच गैस संकट से बढ़ीं व्यवस्थाओं की मुश्किलें

LPGCrisis – चारधाम यात्रा की शुरुआत भले ही पूरे उत्साह और आस्था के साथ हो चुकी हो, लेकिन इस बार यात्रा के शुरुआती दिनों में ही व्यवस्थाओं पर दबाव साफ नजर आने लगा है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों तक पहुंच गया है, जहां एलपीजी गैस की कमी ने स्थानीय लोगों और यात्रा से जुड़े कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। केंद्र से अतिरिक्त गैस कोटा अभी तक नहीं मिलने के कारण आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

chardham yatra lpg crisis supply shortage

आस्था के साथ शुरू हुई यात्रा

अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट विधिवत रूप से खोल दिए गए। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना के बीच श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया है। गंगोत्री धाम में मां गंगा की डोली भैरव घाटी से पहुंची और विधि-विधान से पूजा के बाद मंदिर के द्वार खोले गए। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे और उन्होंने देश की सुख-समृद्धि की कामना की।

यात्रा मार्गों पर बढ़ती परेशानी

चारधाम यात्रा के प्रमुख मार्गों पर गैस की कमी अब साफ तौर पर दिखने लगी है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जैसे जिलों में होटल, ढाबा और स्थानीय लोग एलपीजी के अभाव में वैकल्पिक साधनों का सहारा लेने लगे हैं। कई स्थानों पर लकड़ी के चूल्हे और डीजल आधारित भट्टियों का इस्तेमाल फिर से बढ़ गया है, जिससे संचालन लागत भी बढ़ रही है।

आपूर्ति और मांग के बीच बड़ा अंतर

राज्य सरकार के अनुसार, पूरी यात्रा अवधि में 10 लाख से अधिक गैस सिलेंडरों की जरूरत का अनुमान लगाया गया है। इसके लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त कोटा मांगा गया है, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिलने से आपूर्ति बाधित है। शुरुआती 15 दिनों में ही करीब 1.5 लाख अतिरिक्त सिलेंडरों की जरूरत बताई जा रही है, जो फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं।

रुद्रप्रयाग में बढ़ा दबाव

रुद्रप्रयाग जिले में स्थिति अपेक्षाकृत अधिक गंभीर बताई जा रही है। यहां कॉमर्शियल सिलेंडरों का बैकलॉग सात हजार से ज्यादा हो चुका है, जबकि घरेलू उपभोक्ता भी समय पर गैस नहीं मिलने से परेशान हैं। कई परिवार सिलेंडर के इंतजार में हैं और कुछ जगहों पर छोटे सिलेंडरों से काम चलाया जा रहा है।

व्यवसायियों की बढ़ती चिंता

गंगोत्री और यमुनोत्री रूट पर स्थित हर्षिल जैसे क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से गैस आपूर्ति बाधित है। होटल और ढाबा संचालकों का कहना है कि अग्रिम भुगतान के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए अब उन्हें महंगे विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं, जिससे उनकी लागत और परेशानी दोनों बढ़ रही हैं।

प्रशासन की उम्मीद और चुनौती

खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही केंद्र से अतिरिक्त कोटा जारी होगा, स्थिति में सुधार हो सकता है। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी काम कर रहा है। हालांकि, समय रहते आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो यात्रा के चरम पर पहुंचने से पहले ही व्यवस्थाओं पर दबाव और बढ़ सकता है।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.