Monsoon – उत्तराखंड में मानसून की जोरदार एंट्री, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
Monsoon – उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे प्रभाव के साथ दस्तक दे दी है। सोमवार से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे लंबे समय से बनी गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार हरिद्वार को छोड़कर लगभग सभी जिलों में मानसून सक्रिय हो चुका है और जल्द ही वहां भी अच्छी बारिश होने की संभावना है। इस बार मानसून पिछले वर्ष की तुलना में करीब दस दिन देर से पहुंचा है, लेकिन अगले कुछ दिनों तक इसके काफी सक्रिय रहने का अनुमान है।

चार दिनों तक तेज बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने एक से चार जुलाई के बीच प्रदेश के कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दो जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो रहा है, जिससे बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, चंपावत, ऊधमसिंहनगर और पिथौरागढ़ सहित कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
कई इलाकों में जलभराव से बढ़ी परेशानी
राजधानी देहरादून में दोपहर बाद हुई तेज बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। महज एक घंटे की बारिश से कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं और यातायात प्रभावित रहा। राजपुर रोड, ईसी रोड, रायपुर रोड और कांवली रोड समेत कई स्थानों पर पानी भरने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कुछ इलाकों में दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
नदियों का जलस्तर बढ़ा, कई क्षेत्रों में सतर्कता
लगातार बारिश के कारण रिस्पना और बिंदाल जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इनके किनारे रहने वाले लोगों में सतर्कता का माहौल है, क्योंकि कुछ निचले इलाकों तक पानी पहुंचने की सूचना मिली है। तपोवन नाला, शांति विहार, वाणी विहार और आसपास के क्षेत्रों में भी नालों में तेज बहाव देखने को मिला। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
नैनीताल में बदला मौसम, स्कूलों के लिए जारी निर्देश
नैनीताल में लगातार हो रही बारिश के कारण दिन में भी अंधेरा छा गया। घने बादलों और तेज वर्षा के चलते कई स्थानों पर वाहनों की हेडलाइट और सड़क लाइटें जलानी पड़ीं। इसी बीच ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद जिले के स्कूल भी दोबारा खुल रहे हैं। शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जर्जर भवनों का उपयोग नहीं करने, स्कूल आपदा प्रबंधन योजना लागू रखने और जोखिम वाले रास्तों से आने वाले विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
राज्यभर में आपदा तैयारी पर विशेष फोकस
मानसून के सक्रिय होने के साथ ही राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां भी तेज कर दी हैं। दो जुलाई को प्रदेश के सभी 13 जिलों के 66 स्थानों पर व्यापक स्तर की राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों का परीक्षण करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए नागरिकों से केवल आधिकारिक मौसम चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील की गई है।