TempleTrust – मनसा देवी मंदिर में बदले नियम, पुजारियों के वस्त्रों से हटेंगी जेबें…
TempleTrust – अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद उत्तराखंड के प्रमुख सिद्धपीठ मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट ने व्यवस्थाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में कई अहम फैसले लिए हैं। ट्रस्ट ने घोषणा की है कि अब मंदिर में सेवा देने वाले पुजारी और कर्मचारी बिना जेब वाले कुर्ते या इसी प्रकार के वस्त्र पहनेंगे। साथ ही चढ़ावे की निगरानी के लिए अलग से एक पर्यवेक्षण व्यवस्था भी लागू की गई है।

चढ़ावे की निगरानी के लिए बना सात सदस्यीय बोर्ड
मंदिर ट्रस्ट ने दान व्यवस्था की नियमित निगरानी के उद्देश्य से सात सदस्यीय सुपरवाइजरी बोर्ड का गठन किया है। इस समिति में शेषमणि दुबे, पवन गिरी, द्वारिका प्रसाद मिश्र, विनय दुबे, राम भवन यादव, जनार्दन गुप्ता और चंदन बनर्जी को शामिल किया गया है। ट्रस्ट का कहना है कि यह समिति मंदिर की व्यवस्थाओं पर नजर रखेगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को रोकने का प्रयास करेगी।
ट्रस्ट अध्यक्ष ने पारदर्शिता पर दिया जोर
मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर मिलने वाला चढ़ावा पूरी तरह ट्रस्ट की व्यवस्था के तहत सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिरों में आर्थिक पारदर्शिता बनाए रखना बेहद आवश्यक है ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या राम मंदिर से जुड़े मामले में जिन पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्हें लेकर जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।
अखाड़ा परिषद के मुद्दे पर भी रखी राय
श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने दूसरी अखाड़ा परिषद के गठन पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, वर्तमान परिषद को आठ प्रमुख अखाड़ों का समर्थन प्राप्त है, जिनमें जूना, निरंजनी, आनंद, अग्नि, निर्मल, आह्वान, नया उदासीन और बड़ा उदासीन पंचायती अखाड़ा शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ से जुड़ी व्यवस्थाओं में उनकी सक्रिय भागीदारी बनी रहेगी और धार्मिक आयोजनों को सुव्यवस्थित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मनसा देवी मार्ग पर मरम्मत के निर्देश
कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत प्रशासन ने मनसा देवी मंदिर तक जाने वाले मार्गों और सीढ़ियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिन स्थानों पर मरम्मत की आवश्यकता मिली, वहां जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने संभावित आपातकालीन परिस्थितियों में श्रद्धालुओं की सुरक्षित निकासी के लिए प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग का भी जायजा लिया।
प्रमुख धार्मिक स्थलों तक बेहतर होगी आवाजाही
हरिद्वार में प्रमुख मंदिरों और हरकी पैड़ी को जोड़ने वाले पैदल मार्गों और फुटपाथों के विकास के लिए करीब 32.15 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराना है। चंडी देवी, मनसा देवी, बिल्केश्वर महादेव, श्रीयंत्र मंदिर और बूढ़ी माता मंदिर सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने वाले रास्तों का विकास किया जा रहा है।
कई विकास परियोजनाओं पर जारी है काम
स्वीकृत परियोजनाओं में चंडी देवी मंदिर पहुंच मार्ग का विकास, मनसा देवी के दोनों मार्गों का सुधार, हरकी पैड़ी से प्रमुख मंदिरों तक पैदल मार्गों का निर्माण, विभिन्न प्रमुख चौराहों और संपर्क मार्गों का नवीनीकरण तथा ज्वालापुर-ललताराव-चंडीघाट मार्ग का उन्नयन शामिल है। सोमवार को मेलाधिकारी सोनिका ने निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले प्राथमिकता वाले सभी कार्य समय पर पूरे किए जाएं।