UCC – हलाला केस में अब सामने आया मोबाइल हैकिंग का नया मामला
UCC – उत्तराखंड के चर्चित हलाला और तीन तलाक मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है। रुड़की में दर्ज इस मामले में पीड़िता के भाई ने आरोप लगाया है कि उसका मोबाइल फोन हैक कर केस से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्यों को मिटा दिया गया। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद आईटी एक्ट के तहत नया मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला पहले ही समान नागरिक संहिता यानी UCC के तहत दर्ज होने के कारण चर्चा में था और अब साइबर एंगल जुड़ने से इसकी गंभीरता और बढ़ गई है।

पहले से सुर्खियों में था मामला
बुग्गावाला थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अप्रैल में अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, तीन तलाक और हलाला के लिए दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था। यह उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद हलाला से जुड़ा पहला मामला माना जा रहा है, जिसमें नई कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस ने इस केस में पति, ससुर, देवर, जेठ और अन्य रिश्तेदारों समेत कई लोगों को नामजद किया था। कुछ दिन पहले ही मामले में अदालत में आरोप पत्र भी दाखिल किया गया था।
पीड़िता के भाई ने लगाए गंभीर आरोप
अब पीड़िता के भाई ने आरोप लगाया है कि उसकी ईमेल आईडी और मोबाइल अकाउंट को हैक कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड डिलीट कर दिए गए। शिकायत में कहा गया कि फोन से व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और केस से जुड़े अन्य डिजिटल सबूत गायब कर दिए गए हैं। आरोप एक रिश्तेदार रहमान पर लगाया गया है, जो कथित तौर पर तकनीकी जानकारी रखता है।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि इससे केस को प्रभावित करने की कोशिश की गई है। परिवार ने पुलिस से पूरे मामले की साइबर जांच कराने की मांग की है।
जांच में सामने आई शुरुआती पुष्टि
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में मोबाइल डेटा से छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं। इसके बाद आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अब डिजिटल फॉरेंसिक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि डेटा कब और कैसे हटाया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो मामले में और भी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। पुलिस ने यह भी कहा कि डिजिटल सबूतों को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है।
वेबसाइट और दस्तावेजों को लेकर भी चिंता
पीड़िता के भाई ने यह भी दावा किया कि आरोपी ने कुछ समय पहले उसकी एक वेबसाइट बनाई थी, जिसके लिए आधार और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज लिए गए थे। अब परिवार को आशंका है कि इन दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। इस पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है।
हलाला और तीन तलाक पर फिर तेज हुई बहस
इस मामले के सामने आने के बाद राज्य में हलाला और तीन तलाक को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है। कई मुस्लिम धर्मगुरुओं और सामाजिक संगठनों ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि इस्लाम में जबरन या योजनाबद्ध हलाला को गलत माना गया है। उन्होंने तीन तलाक को भी अनुचित बताते हुए समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
कानून में सख्त प्रावधान
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार UCC के तहत हलाला जैसी प्रथाओं को बढ़ावा देने या उसमें शामिल होने पर सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाना है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तकनीकी और कानूनी दोनों स्तरों पर जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।