Uttarakhand Spiritual Development: धामी ने किया कड़ा प्रहार, कांग्रेस को विकास से ज्यादा ‘बाबरी’ से प्यार…
Uttarakhand Spiritual Development: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड सरकार राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का लक्ष्य देवभूमि को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है, जिसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। मंदिरों, तीर्थस्थलों और पौराणिक धरोहरों के पुनरुत्थान से न केवल धार्मिक आस्था मजबूत होगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी (Cultural heritage)।

मानस खंड के मंदिरों के पुनरुत्थान पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदार खंड की तर्ज पर मानस खंड क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों का भी पुनरुत्थान (Temple renovation) और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। सरकार इस दिशा में पूरी संकल्पबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को सनातन संस्कृति के सम्मान और मंदिरों के विकास से परेशानी हो रही है। धामी ने कहा कि कुछ लोगों को ऐतिहासिक आस्था केंद्रों का विकास रास नहीं आता, जबकि सरकार इसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आधार मानती है ।
भीमताल में जनसभा के जरिए विकास का संदेश
अपने एक दिवसीय दौरे के तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भीमताल विधानसभा क्षेत्र के धारी स्थित हिमगिरी स्टेडियम लेटीबुंगा में विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार देवभूमि की गरिमा बनाए रखने के लिए निरंतर कार्यरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक स्तर (Public rally) पर स्थापित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
करोड़ों की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं (Development projects) का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और आम जनता को सीधा लाभ पहुंचेगा। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन से जुड़े प्रोजेक्ट्स राज्य के समग्र विकास को नई दिशा देंगे और रोजगार के अवसर भी पैदा करेंगे ।
देवभूमि की अस्मिता पर कोई समझौता नहीं
मुख्यमंत्री धामी ने कड़े शब्दों में कहा कि देवों की इस पवित्र भूमि (Spiritual identity) की अस्मिता को बनाए रखना सरकार और भारतीय जनता पार्टी की जिम्मेदारी है। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी कीमत पर मुगलपरस्त मानसिकता को पनपने नहीं दिया जाएगा। जब तक जनता का आशीर्वाद मिलता रहेगा, तब तक आध्यात्मिक विरासत को और अधिक सशक्त बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास करती रहेगी ।
112 करोड़ की योजनाओं से नैनीताल को नई रफ्तार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले के एक दिवसीय दौरे के दौरान 112 करोड़ 34 लाख रुपये की लागत वाली 17 विकास योजनाओं (Infrastructure growth) का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। ग्राम पंचायत शशबनी स्थित लेटीबुंगा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि नैनीताल को एक आदर्श जिला बनाने के लिए सरकार लगातार विकासपरक योजनाएं चला रही है, जिससे स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा ।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि भवाली के समीप गेठिया में 100 बेड की क्षमता वाला मानसिक चिकित्सालय तेजी से निर्माणाधीन है। इसके साथ ही हल्द्वानी के राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में कैंसर अस्पताल का कार्य भी प्रगति पर है। कसियालेख, हल्दूचौड़, बर्धो और नौकुचियाताल में आयुर्वेदिक चिकित्सालयों (Healthcare development) का निर्माण कर स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है।
डेमोग्राफी पर विपक्ष को घेरा
धारी में आयोजित जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देवभूमि की डेमोग्राफी विपक्ष (Demographic balance) की नीतियों के कारण बिगड़ी है। यदि पूर्ववर्ती सरकारों ने समय रहते लैंड जिहाद पर कार्रवाई की होती, तो आज जनसांख्यिकीय असंतुलन पर सवाल नहीं उठते। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि प्रदेश में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।
वन्यजीव संघर्ष और मुआवजे को मिली राहत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में चल रही विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए 68.26 करोड़ रुपये की धनराशि को मंजूरी दी है। इसके साथ ही मानव-वन्यजीव (Wildlife compensation) संघर्ष से जुड़े लंबित मामलों के भुगतान और भविष्य की जरूरतों के लिए राज्य आपदा मोचन निधि से 15 करोड़ रुपये देने की स्वीकृति भी दी गई है। इससे प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी



