WeatherAlert – उत्तराखंड में तेज बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित हुआ जनजीवन
WeatherAlert – मई के महीने में जहां आमतौर पर उत्तराखंड में गर्मी का असर देखने को मिलता है, वहीं इस बार मौसम ने अलग ही रुख अपना लिया है। रविवार को राज्य के कई इलाकों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और आंधी ने हालात बिगाड़ दिए। देहरादून जिले के त्यूणी गांव में तेज हवाओं के चलते कई घरों की छतें उड़ गईं, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी खराब मौसम की आशंका जताते हुए चेतावनी जारी की है।

खराब मौसम को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार और मंगलवार के लिए राज्य के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। चार मई को देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और चंपावत जिलों में भारी बारिश, तेज हवाएं, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसके बाद पांच मई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भी इसी तरह के मौसम की चेतावनी दी गई है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम की जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
चारधाम यात्रा पर विशेष सावधानी के निर्देश
राज्य में जारी चारधाम यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि खराब मौसम की स्थिति में हेली सेवाओं का संचालन नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और मौसम सामान्य होने तक किसी भी प्रकार का जोखिम न लिया जाए।
प्रशासन ने की आपात बैठक, दिए सख्त निर्देश
रविवार को हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि के बाद शासन स्तर पर स्थिति की समीक्षा की गई। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, सड़कों पर मलबा आने की स्थिति में उसे तुरंत हटाकर यातायात बहाल करने को कहा गया है।
लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने की अपील
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने आम नागरिकों और तीर्थयात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे बिना जरूरी कारण घर से बाहर न निकलें और यात्रा से पहले मौसम का अपडेट जरूर लें। राज्य और जिला स्तर पर आपातकालीन परिचालन केंद्रों को चौबीसों घंटे सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी घटना पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
त्यूणी समेत कई क्षेत्रों में भारी नुकसान
देहरादून के त्यूणी क्षेत्र में आंधी-तूफान ने खासा नुकसान पहुंचाया है। यहां 15 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 50 से ज्यादा गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार तेज हवाओं के कारण कई घरों की छतें उड़ गईं और बारिश ने अंदर रखा सामान भी खराब कर दिया। रविवार सुबह हुई बारिश ने पहले से प्रभावित घरों में बचा हुआ सामान भी बर्बाद कर दिया। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
फसलों को भी भारी क्षति
मौसम की मार सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि किसानों को भी बड़ा नुकसान हुआ है। त्यूणी क्षेत्र में गेहूं की खड़ी और कटी फसल का लगभग आधा हिस्सा खराब हो गया। इसके अलावा टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली और ऊधमसिंह नगर जैसे जिलों में भी फसलों, सब्जियों और पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
गंगा घाटों पर बढ़ाई गई निगरानी
पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के चलते टिहरी बांध से पानी छोड़े जाने की संभावना जताई जा रही है। इसे देखते हुए ऋषिकेश में गंगा के जलस्तर पर विशेष नजर रखी जा रही है। एसडीआरएफ की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है और गंगा घाटों पर मौजूद तीर्थयात्रियों व पर्यटकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी जा रही है।