उत्तर प्रदेश

IVF Scam – प्रयागराज में नाबालिग से अवैध अंडाणु निकासी का सनसनीखेज मामला उजागर

IVF Scam – प्रयागराज के फाफामऊ क्षेत्र से सामने आए एक गंभीर मामले ने मेडिकल सिस्टम की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की से आईवीएफ सेंटर में गैरकानूनी तरीके से अंडाणु निकालने की पुष्टि पुलिस जांच में हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस पूरी प्रक्रिया को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया, जिसमें कई लोग शामिल थे।

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पैसों के लालच में रची गई पूरी साजिश

पुलिस के अनुसार, नाबालिग लड़की को आर्थिक प्रलोभन देकर इस अवैध प्रक्रिया के लिए तैयार किया गया। आरोप है कि लड़की को मोबाइल फोन खरीदने की इच्छा का फायदा उठाया गया और उसे पैसे कमाने का झांसा दिया गया। इसी लालच के चलते आरोपियों ने उसका फर्जी आधार कार्ड तैयार कराया और उसे विवाहिता दिखाने के लिए कूटरचित हलफनामा भी बनवाया गया।

मां की शिकायत से खुला मामला

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता की मां ने फाफामऊ थाने में लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान चार महिलाओं और एक युवक को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है।

महिला एजेंट की भूमिका आई सामने

जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क में एक पंजीकृत महिला एजेंट की अहम भूमिका रही। आरोप है कि कूपर रोड निवासी सीमा भारतीया और उसके बेटे हिमांशु भारतीया के माध्यम से आईवीएफ सेंटर की महिला एजेंट कल्पना भारतीया से संपर्क किया गया। कल्पना भारतीया शाहगंज की रहने वाली है और सीमा भारतीया से रिश्ते में मौसी लगती है।

सहकर्मी के जरिए पहुंची गिरोह तक

डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत के अनुसार, पीड़िता एक वेटरेस के रूप में काम करती थी, जहां उसकी मुलाकात करेली निवासी पलक से हुई। पलक और उसकी मां रिंकी ने ही लड़की को पैसों का लालच देकर गिरोह से जोड़ा। पूछताछ में यह भी सामने आया कि नाबालिग को अंडाणु निकालने के बदले केवल दस हजार रुपये दिए गए।

कई अन्य मामलों की भी आशंका

पुलिस की प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह गिरोह केवल एक ही लड़की तक सीमित नहीं था। कई अन्य युवतियों और लड़कियों से भी इसी तरह गैरकानूनी ढंग से अंडाणु निकाले जाने की जानकारी पुलिस को मिली है। इसे देखते हुए आईवीएफ सेंटर से अब तक किए गए सभी मामलों की सूची मांगी गई है।

आईवीएफ सेंटर की भूमिका की जांच तेज

पुलिस खासतौर पर उन महिलाओं और लड़कियों के मामलों की गहन जांच कर रही है, जिन्हें महिला एजेंट के जरिए सेंटर लाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सेंटर प्रबंधन को नाबालिग होने की जानकारी थी या नहीं और किन परिस्थितियों में प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।

गिरोह के नेटवर्क पर पुलिस की नजर

फाफामऊ पुलिस का कहना है कि पूछताछ अभी जारी है और आने वाले दिनों में बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं और इस तरह की अवैध गतिविधियां कब से चल रही थीं। पुलिस पूरे मामले को संगठित अपराध मानकर जांच आगे बढ़ा रही है।

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