अंतर्राष्ट्रीय

HormuzCrisis – होर्मुज मार्ग में तनाव बढ़ा, चीनी टैंकर पर हमला

HormuzCrisis – मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज समुद्री मार्ग एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव अब समुद्री गतिविधियों को भी प्रभावित करने लगा है। हालात उस समय और गंभीर हो गए जब होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक चीनी तेल टैंकर पर हमला होने की खबर सामने आई। इस घटना के बाद चीन ने गहरी चिंता जताई है और क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।

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अमेरिकी दावों के मुताबिक, यूएस नेवी के तीन युद्धपोत होर्मुज मार्ग से गुजर रहे थे, तभी उन पर ईरानी हमले हुए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जवाबी कार्रवाई शुरू हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका ने भी ईरान के कुछ बंदरगाहों और द्वीपों को निशाना बनाया है।

चीनी टैंकर पर हमले से बढ़ी चिंता

चीन के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि होर्मुज क्षेत्र में जिस जहाज पर हमला हुआ, उस पर चीनी नागरिक मौजूद थे। हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने नियमित प्रेस वार्ता में कहा कि सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित जहाजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है।

चीनी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि होर्मुज स्ट्रेट के पास एक चीनी ऑयल प्रोडक्ट टैंकर को निशाना बनाया गया। जहाज पर “चाइना ओनर एंड क्रू” का निशान मौजूद था। घटना के बाद बीजिंग ने क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई है।

ईरान के साथ चीन की ऊर्जा साझेदारी अहम

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब चीन और ईरान के बीच ऊर्जा सहयोग लगातार मजबूत बना हुआ है। युद्ध और प्रतिबंधों के बावजूद चीन ईरानी तेल का प्रमुख खरीदार बना हुआ है। हाल ही में बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की मुलाकात प्रस्तावित थी।

सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों के बीच होर्मुज समुद्री मार्ग को सुरक्षित और सामान्य बनाए रखने पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह समुद्री रास्ता वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकता है।

यूएई तट के पास हुई घटना

समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार जिस जहाज पर हमला हुआ, उसकी आधिकारिक पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में इसे मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला ऑयल और केमिकल टैंकर बताया गया है। जहाज ने आसपास मौजूद अन्य पोतों को डेक पर आग लगने की सूचना भी भेजी थी।

जानकारी के अनुसार यह घटना संयुक्त अरब अमीरात के तट के पास मीना सकर क्षेत्र के आसपास हुई। फिलहाल संबंधित एजेंसियां हमले की परिस्थितियों और नुकसान का आकलन कर रही हैं।

खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों का असर खाड़ी क्षेत्र की समुद्री आवाजाही पर भी दिखाई देने लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सैकड़ों जहाज फिलहाल खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं और करीब 20 हजार नाविकों की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।

हाल के दिनों में कई जहाजों पर हमलों और गोलीबारी की घटनाओं के बाद होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाला ट्रैफिक काफी धीमा पड़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।

कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी निगाहें

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को रोकने के लिए कूटनीतिक स्तर पर भी प्रयास जारी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार वॉशिंगटन ने तनाव कम करने के लिए प्रस्ताव भेजा है और अब तेहरान के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे अब भी विवाद की मुख्य वजह बने हुए हैं।

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