TataConsumer – टाटा कंज्यूमर का मुनाफा बढ़ा, शुरू हुई डिविडेंड देने की तैयारी
TataConsumer – टाटा समूह की एफएमसीजी कंपनी टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 419 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले करीब 21 प्रतिशत अधिक है। एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 345 करोड़ रुपये था।

कंपनी की आय में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली है। ऑपरेशंस से होने वाला कुल रेवेन्यू सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 5,434 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। बेहतर बिक्री और विभिन्न कारोबारों में मांग बढ़ने से कंपनी को यह मजबूती मिली है।
पूरे वित्त वर्ष में 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार
टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में पहली बार 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक का सालाना रेवेन्यू दर्ज किया है। कंपनी का कुल रेवेन्यू 15 प्रतिशत बढ़कर 20,290 करोड़ रुपये रहा। वहीं, सालाना एबिटा 12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,815 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
कंपनी ने बताया कि भारत में उसके ब्रांडेड कारोबार का प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। चौथी तिमाही में इंडिया ब्रांडेड बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 16 प्रतिशत रही, जबकि पूरे साल के दौरान यह 13 प्रतिशत दर्ज की गई।
फूड और बेवरेज कारोबार में अच्छी बढ़त
कंपनी के फूड बिजनेस में भी तेजी देखने को मिली है। चौथी तिमाही के दौरान इंडिया फूड्स कारोबार 21 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पूरे साल की वृद्धि 18 प्रतिशत रही। नमक कारोबार से होने वाला रेवेन्यू 12 प्रतिशत बढ़ा है और यह लगातार पांचवीं तिमाही है जब इस सेगमेंट ने दो अंकों की ग्रोथ दर्ज की।
टाटा संपन्न ब्रांड का प्रदर्शन भी मजबूत रहा। इस ब्रांड ने तिमाही के दौरान 69 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। वहीं, इंडिया बेवरेजेस कारोबार चौथी तिमाही में 4 प्रतिशत बढ़ा और पूरे साल के दौरान इसमें 8 प्रतिशत की ग्रोथ रही।
चाय, कॉफी और रेडी-टू-ड्रिंक कारोबार में बढ़ी मांग
भारतीय बाजार में कंपनी की चाय बिक्री में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कॉफी से होने वाली आय में 20 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि देखने को मिली। इसके अलावा रेडी-टू-ड्रिंक कारोबार ने लगातार तीसरी तिमाही में दोहरे अंक की ग्रोथ दर्ज की है। इस कारोबार की कमाई में 23 प्रतिशत का इजाफा हुआ।
कंपनी के अनुसार उसका ग्रोथ बिजनेस अब 4,000 करोड़ रुपये के स्तर को पार कर चुका है। यह कंपनी के कुल भारतीय कारोबार का लगभग 31 प्रतिशत हिस्सा बन गया है। इससे संकेत मिलता है कि पारंपरिक उत्पादों के साथ नए सेगमेंट में भी कंपनी अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।
निवेशकों के लिए डिविडेंड का प्रस्ताव
कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर 10 रुपये के डिविडेंड की सिफारिश की है। यह प्रस्ताव शेयरधारकों की मंजूरी के बाद लागू होगा। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार डिविडेंड का भुगतान 15 जून 2026 या उसके बाद किया जा सकता है।
शेयर बाजार में कंपनी के स्टॉक में भी हाल के समय में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। शुक्रवार को शेयर 1194 रुपये के ऊपरी स्तर और 1158 रुपये के निचले स्तर के बीच कारोबार करता रहा। फिलहाल शेयर करीब 1176 रुपये के स्तर पर बना हुआ है। जनवरी 2026 में कंपनी का शेयर 1220.70 रुपये तक पहुंचा था, जो इसका 52 सप्ताह का उच्च स्तर है। वहीं अप्रैल में यह 1007.20 रुपये तक फिसल गया था।
कंपनी प्रबंधन ने जताया भरोसा
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील डिसूजा ने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष का समापन मजबूत प्रदर्शन के साथ किया है। उनके मुताबिक मुख्य कारोबार और तेजी से बढ़ रहे नए व्यवसाय दोनों में लगातार सुधार देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि इनोवेशन, ब्रांड निर्माण और बाजार में विस्तार की रणनीति का सकारात्मक असर कंपनी के नतीजों में दिखाई दे रहा है।