उत्तर प्रदेश

GorakhpurHarassment – एम्स रेजिडेंट डॉक्टर से दुर्व्यवहार, दो आरोपी गिरफ्तार

GorakhpurHarassment – उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में एक रेजिडेंट डॉक्टर के साथ कथित दुर्व्यवहार और नस्लीय टिप्पणी का मामला सामने आया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश के अलग-अलग हिस्सों में पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों के साथ व्यवहार को लेकर चर्चा चल रही है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे की तलाश जारी है।

gorakhpur aiims doctor harassment case

पीड़ित डॉक्टर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, गोरखपुर में परास्नातक तृतीय वर्ष की छात्रा हैं और मूल रूप से उत्तर पूर्व के एक राज्य से संबंध रखती हैं।

मॉल से लेकर संस्थान गेट तक पीछा करने का आरोप

डॉक्टर के अनुसार, 22 फरवरी की रात वह अपने एक मित्र के साथ मोहद्दीपुर स्थित एक मॉल गई थीं। रात करीब आठ बजे जब वे बाहर निकलीं, तभी तीन युवकों ने उन पर टिप्पणी करनी शुरू कर दी। आरोप है कि युवकों ने नस्लीय टिप्पणी की और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया।

डॉक्टर का कहना है कि तीनों युवक उनका पीछा करते हुए एम्स के गेट नंबर दो तक पहुंचे। इस दौरान लगातार गाली-गलौज की गई। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि संस्थान के गेट के पास एक युवक ने अशोभनीय हरकत की और अनुचित तरीके से छूने की कोशिश की। साथ ही धमकी भी दी गई।

सीसीटीवी फुटेज से पहचान

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने पीड़िता से संपर्क कर विस्तृत तहरीर ली। एम्स थाना क्षेत्र में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।

एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। उनकी पहचान देवरिया जिले के सूरज गुप्ता और अमृत विश्वकर्मा के रूप में हुई है। दोनों छात्र बताए जा रहे हैं। तीसरा आरोपी, जो देवरिया का ही रहने वाला है और डीडीयू में बीए तृतीय वर्ष का छात्र है, फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

चिकित्सक संगठन ने उठाया मुद्दा

रेजिडेंट डॉक्टरों के संगठन ने इस घटना पर चिंता जताई है। संगठन ने सोशल मीडिया के माध्यम से मामले को गंभीर बताते हुए राज्य प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि पूर्वोत्तर के लोगों के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां और व्यवहार किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि कार्यस्थल और उसके आसपास सुरक्षा का माहौल होना चाहिए, ताकि स्वास्थ्यकर्मी बिना भय के अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें।

कानूनी धाराएं बढ़ाने की तैयारी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में नस्लीय टिप्पणी के आरोपों को ध्यान में रखते हुए संबंधित विधिक प्रावधान जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में विधिक राय ली जा रही है।

गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि दो आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया है और तीसरे की तलाश जारी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी पहलुओं की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

पीड़िता ने भी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कर ली है और प्रारंभिक पुलिस कार्रवाई पर संतोष जताया है। फिलहाल परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक संवेदनशीलता के मुद्दे को सामने लाती है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.