बिहार

RationCard – बिहार में अब भी बाकी है डेढ़ करोड़ लाभुकों का ई-केवाईसी

RationCard – बिहार में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत आने वाले सभी राशन कार्डधारियों के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है, लेकिन अब तक बड़ी संख्या में लाभुक इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पाए हैं। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्य में लगभग आठ करोड़ 20 लाख लाभार्थियों में से करीब डेढ़ करोड़ लोगों का ई-केवाईसी अभी तक नहीं हुआ है। इसका मतलब है कि कुल लाभुकों में लगभग 18 प्रतिशत लोग अभी भी इस जरूरी प्रक्रिया से बाहर हैं।

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सरकार की ओर से कई बार जिलों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं और समय-सीमा भी बढ़ाई गई है, फिर भी अपेक्षित प्रगति नहीं दिख रही है। अब राज्य सरकार ने ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मार्च कर दी है, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी इस प्रक्रिया को पूरा कर सकें।

कई बार बढ़ाई गई अंतिम तिथि

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लाभुकों को पर्याप्त समय देने के लिए पहले भी कई बार समय सीमा में बदलाव किया गया है। शुरुआत में ई-केवाईसी की अंतिम तिथि 15 फरवरी तय की गई थी। बाद में इसे बढ़ाकर 28 फरवरी किया गया और अब इसे 31 मार्च तक बढ़ा दिया गया है।

इसके बावजूद कई जिलों में अपेक्षित संख्या में लाभुकों का ई-केवाईसी पूरा नहीं हो पाया है। विभाग ने जिलों के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे स्थानीय स्तर पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करें और सुनिश्चित करें कि पात्र लाभुक जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को पूरा करें। प्रशासन का मानना है कि समय रहते ई-केवाईसी पूरा नहीं होने पर भविष्य में लाभुकों को राशन योजना का लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है।

कई जिलों में बड़ी संख्या में लंबित मामले

राज्य के कुछ जिलों में ई-केवाईसी की प्रक्रिया सबसे अधिक लंबित बताई जा रही है। विभागीय जानकारी के अनुसार वैशाली, सीवान, सीतामढ़ी, औरंगाबाद, समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण, दरभंगा, पश्चिम चंपारण और अररिया जैसे जिलों में बड़ी संख्या में लाभुकों का ई-केवाईसी अभी तक पूरा नहीं हुआ है।

अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में जानकारी की कमी या जागरूकता के अभाव के कारण लोग इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पाए हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में ऐसे राशन कार्डधारी भी हैं जो रोजगार या अन्य कारणों से राज्य से बाहर रह रहे हैं, जिसके चलते भी कई लोगों का ई-केवाईसी लंबित रह गया है।

संदिग्ध राशन कार्डधारियों की जांच जारी

विभाग ने अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि संदिग्ध राशन कार्डधारियों की पहचान और जांच की प्रक्रिया तेज की जाए। राज्य में फिलहाल 57 लाख से अधिक कार्डधारियों को संदिग्ध सूची में रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार इन लोगों को नोटिस भेजकर आवश्यक जानकारी मांगी जा रही है।

जांच के दौरान यदि किसी लाभुक का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो उनका नाम राशन कार्ड से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाती है। विभागीय जानकारी के अनुसार अब तक 33 लाख से अधिक लोगों के नाम हटाने की सूची में शामिल किए जा चुके हैं। प्रशासन का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी खाद्यान्न योजना का लाभ केवल पात्र लोगों तक ही पहुंचे।

राज्य से बाहर रह रहे लाभुक भी करा सकते हैं ई-केवाईसी

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी कराने के लिए बिहार लौटना जरूरी नहीं है। जो राशन कार्डधारी किसी अन्य राज्य में रह रहे हैं, वे वहीं अपने नजदीकी जनवितरण प्रणाली की दुकान पर जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

अधिकारियों के अनुसार देश के किसी भी हिस्से में मौजूद लाभुक अपने आधार और राशन कार्ड के माध्यम से ई-केवाईसी करा सकते हैं। इससे बाहर रह रहे मजदूरों और कामगारों को सुविधा मिल सकेगी। विभाग का कहना है कि लाभुक समय रहते ई-केवाईसी पूरा करा लें, ताकि उन्हें भविष्य में राशन वितरण से संबंधित किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े

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