GoatFarming – सुधा बूथों से जल्द शुरू होगी बकरी के दूध की बिक्री
GoatFarming – बिहार में पशुपालन को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार एक नई पहल की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित योजना के तहत अब राज्यभर में सुधा बूथों के माध्यम से बकरी के दूध की बिक्री शुरू की जाएगी। इसके साथ ही बकरे के मांस की बिक्री नगर निगम और अन्य शहरी निकायों के जरिए कराने की योजना भी बनाई जा रही है। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसे जल्द ही राज्य कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।

सुधा नेटवर्क के जरिए बढ़ेगी बाजार तक पहुंच
विभाग के सचिव शीर्षत कपित अशोक ने जानकारी दी कि योजना लागू होने के बाद पहले चरण में पटना के अलावा भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा और पूर्णिया जैसे प्रमुख शहरों में बकरी के दूध की बिक्री शुरू की जाएगी। इसके लिए सुधा के मौजूदा बूथ नेटवर्क का उपयोग किया जाएगा ताकि उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच सके। उनका कहना था कि इस पहल से पशुपालकों को बेहतर बाजार मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए अवसर बनेंगे।
पंचायत स्तर तक स्थापित होंगे सुधा बूथ
राज्य में दुग्ध वितरण व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सरकार सभी पंचायतों तक सुधा बूथ स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। सचिव ने बताया कि योजना पूरी होने के बाद ग्रामीण इलाकों में भी दूध और उससे जुड़े उत्पादों की आसान उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही राज्य में एक गोट फेडरेशन के गठन की भी तैयारी चल रही है, जो बकरीपालन से जुड़े किसानों को संगठित करने का काम करेगा।
हर जिले में होंगे गोट विशेषज्ञ
सरकार बकरीपालन को वैज्ञानिक तरीके से बढ़ावा देने पर भी जोर दे रही है। इसके तहत प्रत्येक जिले में गोट विशेषज्ञ नियुक्त किए जाएंगे। इन विशेषज्ञों को उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान में विशेष प्रशिक्षण दिलाने की योजना है। प्रशिक्षण के बाद ये विशेषज्ञ स्थानीय पशुपालकों को आधुनिक तकनीक, रोग नियंत्रण और बेहतर प्रबंधन के बारे में मार्गदर्शन देंगे।
इस पहल में बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय और केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मथुरा को तकनीकी सहयोग के लिए थिंक टैंक की भूमिका में शामिल किया जाएगा, ताकि पशुपालकों को वैज्ञानिक सलाह और नवीनतम अनुसंधान का लाभ मिल सके।
गरीब परिवारों के लिए अनुदान योजना
डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि बकरीपालन ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इसी उद्देश्य से बीपीएल परिवारों को 80 से 90 प्रतिशत तक अनुदान पर तीन प्रजनन योग्य बकरियां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मंत्री के अनुसार अब तक राज्य के 34 हजार 218 परिवारों को एक लाख दो हजार 654 बकरियों का वितरण किया जा चुका है। इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही परिवारों की आय में भी सुधार देखने को मिला है।
नस्ल सुधार के लिए गोट सिमेन बैंक की योजना
मंत्री ने बताया कि देश में लगभग 12 करोड़ बकरियां हैं, जो वैश्विक बकरी आबादी का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा हैं। बिहार में बकरियों की संख्या लगभग 1.28 करोड़ है, जिससे राज्य देश में चौथे स्थान पर है।
हाल ही में गया जिले में गोट सिमेन बैंक स्थापित करने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इससे बकरियों की नस्ल सुधारने में मदद मिलेगी और मेमनों की मृत्यु दर को कम करने में भी सहायता मिलेगी।
पटना में लगेगा कृषि यांत्रिकीकरण मेला
इसी बीच किसानों को आधुनिक तकनीक से परिचित कराने के उद्देश्य से पटना के गांधी मैदान में 12 से 15 मार्च तक राज्यस्तरीय कृषि यांत्रिकीकरण मेला आयोजित किया जाएगा। एग्रो बिहार 2026 नाम से होने वाले इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से कृषि यंत्र निर्माता भाग लेंगे।
कृषि मंत्री रामकृपाल यादव के अनुसार लगभग 3.25 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में आयोजित इस मेले में 100 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। पंजाब, हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों की कंपनियां अपने आधुनिक कृषि उपकरणों का प्रदर्शन करेंगी। यह आयोजन किसानों के लिए नई तकनीक और उपकरणों की जानकारी हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।



