CurdRecipe – घर पर गाढ़ी और मलाईदार दही जमाने का आसान तरीका जानें
CurdRecipe – गर्मियों के मौसम में भोजन के साथ दही का महत्व और भी बढ़ जाता है। भारतीय घरों में दही सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं बल्कि पाचन के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। हालांकि कई लोग घर पर दही तो जमाते हैं, लेकिन अक्सर शिकायत रहती है कि घर की दही बाजार जैसी गाढ़ी और थक्केदार नहीं बन पाती। सही तरीके और कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए तो घर पर भी उतनी ही मलाईदार और बढ़िया दही तैयार की जा सकती है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर भी दही जमाने के कुछ आसान घरेलू तरीके लोगों के बीच काफी चर्चा में हैं।

गाढ़ी दही के लिए दूध की गुणवत्ता अहम
घर में अच्छी दही जमाने की शुरुआत सही दूध के चुनाव से होती है। अगर दूध पतला होगा तो दही भी उतनी अच्छी नहीं बनेगी। इसलिए दही जमाने के लिए फुल क्रीम दूध का इस्तेमाल बेहतर माना जाता है।
पैकेट वाला दूध लेने वाले लोग कोशिश करें कि फुल क्रीम विकल्प चुनें। वहीं अगर डेयरी से दूध लिया जा रहा है तो उसमें अतिरिक्त पानी मिलाने से बचना चाहिए। दूध जितना गाढ़ा और पौष्टिक होगा, उससे बनने वाली दही भी उतनी ही गाढ़ी और मलाईदार बनेगी।
रसोई से जुड़े कई विशेषज्ञ भी यही सलाह देते हैं कि दही जमाने के लिए हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाला दूध इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि यही उसकी बनावट और स्वाद को तय करता है।
दूध को अच्छी तरह उबालना जरूरी
दही जमाने की प्रक्रिया में दूध को ठीक तरह से उबालना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। अगर दूध को अच्छी तरह उबाला जाए तो उसकी गाढ़ापन बढ़ जाता है, जिससे दही ज्यादा थक्केदार बनती है।
मान लीजिए कि आप बड़ी मात्रा में दही तैयार करना चाहते हैं और इसके लिए करीब चार लीटर दूध इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसे इतना उबालें कि मात्रा कुछ कम हो जाए। दूध के थोड़ा गाढ़ा हो जाने से दही जमने के बाद उसका टेक्सचर बेहतर होता है।
रसोई में यह तरीका लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है। कई हलवाई भी दही को ज्यादा गाढ़ा बनाने के लिए दूध को पहले अच्छी तरह उबालने की सलाह देते हैं।
दही जमाने के लिए दूध का तापमान सही रखें
दही जमाने में दूध का तापमान बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर दूध बहुत ज्यादा गर्म होगा तो जामन सही तरीके से काम नहीं करेगा और दही फटने की संभावना भी रहती है। वहीं अगर दूध ठंडा हो जाएगा तो दही ठीक से जमेगी ही नहीं।
सबसे अच्छा तरीका यह है कि दूध को उबालने के बाद थोड़ा ठंडा होने दिया जाए और जब वह गुनगुना रह जाए तब उसमें जामन मिलाया जाए। दूध का तापमान जांचने के लिए उंगली से हल्का सा स्पर्श कर सकते हैं। दूध ऐसा होना चाहिए कि वह गर्म महसूस हो लेकिन हाथ जलाए नहीं।
गुनगुने दूध में जामन मिलाने से दही का जमना आसान होता है और उसका टेक्सचर भी बेहतर बनता है।
ताजा जामन का उपयोग बेहतर परिणाम देता है
दही जमाने के लिए इस्तेमाल होने वाला जामन भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। आम तौर पर एक से दो चम्मच ताजी दही ही जामन के रूप में पर्याप्त होती है।
अगर घर में उसी दिन की ताजी दही मौजूद हो तो उसका इस्तेमाल करना सबसे अच्छा माना जाता है। हालांकि जरूरत पड़ने पर दो या तीन दिन पुरानी दही भी इस्तेमाल की जा सकती है।
बहुत ज्यादा पुरानी या अत्यधिक खट्टी दही को जामन के रूप में इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे दही का स्वाद और बनावट दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
जामन को दूध में अच्छी तरह मिलाना जरूरी
जामन डालने के बाद उसे दूध में अच्छी तरह मिलाना भी जरूरी होता है। कई लोग सिर्फ जामन डालकर बर्तन को ढक देते हैं, लेकिन इससे दही उतनी अच्छी नहीं जमती।
बेहतर तरीका यह है कि जामन डालने के बाद दूध को चम्मच या किसी व्हिस्कर की मदद से हल्के-हल्के चलाया जाए। इससे जामन पूरे दूध में समान रूप से फैल जाता है और दही सही तरीके से जमती है।
जब जामन ठीक से मिल जाता है तो दही का टेक्सचर ज्यादा स्मूद और गाढ़ा बनता है।
दही जमने के लिए सही जगह और समय जरूरी
दही जमाने के बाद बर्तन को ढककर किसी गर्म स्थान पर रखना चाहिए। गर्मियों में आमतौर पर रसोई का सामान्य तापमान ही दही जमने के लिए पर्याप्त होता है।
दही को जमने में आमतौर पर 10 से 12 घंटे का समय लग सकता है। इसलिए कई लोग रात में दूध में जामन लगाकर रख देते हैं, ताकि सुबह तक दही पूरी तरह तैयार मिल जाए।
अगर सभी चरण सही तरीके से पूरे किए जाएं तो घर में बनी दही भी बाजार जैसी गाढ़ी, मलाईदार और स्वादिष्ट बन सकती है।