बिहार

HighwayProjects – बिहार में सात राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की तैयारी तेज

HighwayProjects – बिहार में सड़क ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य में सात महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की तैयारी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर करीब 21 जिलों के लोगों को बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिलेगा। निर्माण कार्य को समय पर शुरू कराने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सरकार ने Competent Authority for Land Acquisition यानी काला के गठन की प्रक्रिया आरंभ कर दी है, जो विभिन्न जिलों में जमीन अधिग्रहण से जुड़े कार्यों की निगरानी करेगा।

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जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को मिलेगी गति

सरकारी अधिकारियों के अनुसार नई सड़क परियोजनाओं को शुरू करने से पहले जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करना सबसे जरूरी चरण होता है। इसी वजह से राज्य सरकार ने काला के गठन की पहल की है। यह प्राधिकरण संबंधित जिलों में सड़क निर्माण के लिए जरूरी भूमि उपलब्ध कराने का काम करेगा।

राज्य सरकार ने सभी जिलों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश भेज दिए हैं। काला के गठन के बाद परियोजनाओं से जुड़ी जमीन का अधिग्रहण, मुआवजा वितरण और भूमि से संबंधित शिकायतों का निपटारा एक ही प्रणाली के तहत किया जाएगा। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।

इन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर होगा काम

जिन प्रमुख सड़क परियोजनाओं के लिए यह व्यवस्था की जा रही है, उनमें कई महत्वपूर्ण मार्ग शामिल हैं। इनमें एनएच 119ए पटना-आरा-सासाराम मार्ग, एनएच 33 मोकामा-मुंगेर मार्ग और एनएच 139 डब्ल्यू साहेबगंज-अरेराज मार्ग प्रमुख हैं।

इसके अलावा राज्य में पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर-सिलीगुड़ी हाईस्पीड कॉरिडोर, रक्सौल-हल्दिया हाईस्पीड कॉरिडोर और एनएच 327 ई परसरमा-अररिया सड़क परियोजना भी प्रस्तावित है। इन मार्गों के निर्माण से राज्य के कई हिस्सों में यातायात सुविधाएं बेहतर होने की संभावना है।

पथ निर्माण विभाग ने इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से आवश्यक सहयोग का अनुरोध किया है। विभागों के बीच समन्वय के जरिए प्रक्रिया को तेज करने की योजना बनाई गई है।

कई जिलों में होगा प्राधिकरण का गठन

काला के माध्यम से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पटना सहित राज्य के कुल 21 जिलों में संचालित की जाएगी। जिन जिलों में यह व्यवस्था लागू होगी उनमें पटना, मोतिहारी, बेतिया, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी और सुपौल शामिल हैं।

इसके अलावा अररिया, किशनगंज, बेगूसराय, मुंगेर, लखीसराय, बांका, भोजपुर और रोहतास जिलों में भी इस प्राधिकरण के माध्यम से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जिलास्तर पर संबंधित अधिकारी काला के अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे, जबकि अनुमंडल और अंचल स्तर के राजस्व अधिकारी जमीन अधिग्रहण से जुड़े कार्यों को पूरा करेंगे।

परियोजनाओं के लिए बनेगी विशेष टास्क फोर्स

राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए राज्य सरकार एक विशेष टास्क फोर्स बनाने पर भी विचार कर रही है। यह राज्यस्तरीय समिति होगी, जिसमें कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे।

प्रस्तावित टास्क फोर्स में पथ निर्माण विभाग के साथ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड, एनटीपीसी, पीजीसीआईएल और रेलवे के प्रतिनिधि शामिल किए जा सकते हैं।

इस समिति की बैठक हर महीने आयोजित करने की योजना है ताकि परियोजनाओं के सामने आने वाली प्रशासनिक या तकनीकी बाधाओं को समय रहते दूर किया जा सके। बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी संबंधित जिलों के अधिकारियों को दी जाएगी, जिससे निर्माण कार्य में किसी तरह की देरी न हो।

सरकार का मानना है कि सड़क नेटवर्क मजबूत होने से राज्य में परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

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