LPGBlast – पलामू के मेदिनीनगर में सिलिंडर विस्फोट, चार युवक गंभीर रूप से झुलसे
LPGBlast – झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर शहर में रविवार को एक इमारत में हुए एलपीजी सिलिंडर विस्फोट से अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में चार युवक गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना टाउन थाना क्षेत्र के बैरिया चौक इलाके की बताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार जिस इमारत में विस्फोट हुआ, उसके भूतल पर बड़ी संख्या में गैस सिलिंडर जमा किए गए थे। धमाके के बाद आग फैल गई और आसपास के इलाके में घना धुआं फैल गया। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और हालात को काबू में लिया।

इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर रखे थे कई गैस सिलिंडर
स्थानीय लोगों और पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस इमारत में विस्फोट हुआ, वहां भूतल पर बड़ी संख्या में एलपीजी सिलिंडर रखे गए थे। बताया जा रहा है कि यहां करीब 50 से 60 सिलिंडर जमा किए गए थे। यह भी आशंका जताई जा रही है कि इन सिलिंडरों को बिना अनुमति के वहां रखा गया था। हादसे के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि सिलिंडरों को वहां किस उद्देश्य से रखा गया था और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं।
चार युवक गंभीर रूप से घायल
मेदिनीनगर के एसडीपीओ राजीव रंजन के अनुसार विस्फोट में 20 से 30 वर्ष की आयु के चार युवक गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों की पहचान धर्मेंद्र सिंह, मुकेश कुमार, विक्रम सिंह और आलोक कुमार के रूप में हुई है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की। सभी घायलों को इलाज के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम उनकी हालत पर नजर बनाए हुए है।
आग पर काबू पाने के लिए पहुंची दमकल टीम
धमाके के बाद इमारत के अंदर आग तेजी से फैलने लगी थी। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग लगने के कारण आसपास के लोगों में भी डर का माहौल बन गया था। सुरक्षा के लिहाज से कुछ समय के लिए आसपास के इलाके को खाली कराया गया। दमकल कर्मियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि आसपास रखे अन्य सिलिंडरों तक आग न पहुंचे।
विस्फोट के कारणों की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक विस्फोट के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जांच में यह जरूर सामने आया है कि इमारत के भूतल पर बड़ी संख्या में सिलिंडर जमा किए गए थे। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं गैस भरने या सिलिंडरों के अवैध भंडारण के दौरान यह हादसा तो नहीं हुआ। अधिकारियों के मुताबिक पूरी घटना की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
धमाके के बाद इलाके में मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। इसके बाद लगातार तीन से चार छोटे धमाके भी सुनाई दिए, जिससे पूरे इलाके में घबराहट फैल गई। विस्फोट के बाद इमारत से तेज लपटें उठने लगीं और धुआं दूर तक दिखाई देने लगा। बताया जा रहा है कि उस समय चारों युवक किसी काम के सिलसिले में इमारत के भीतर मौजूद थे और विस्फोट की चपेट में आ गए। किसी तरह वे बाहर निकल पाए, लेकिन तब तक उनका शरीर काफी झुलस चुका था। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और इलाके में लंबे समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।