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बिहार

CorruptionCase – विद्युत इंजीनियर पर अवैध संपत्ति और निवेश की जांच तेज

CorruptionCase – बिहार में एक विद्युत अधिकारी की संपत्ति को लेकर चल रही जांच ने कई नए पहलुओं को सामने लाया है। मधुबनी के जयनगर में तैनात विद्युत कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई ने जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में उनकी आय से अधिक संपत्ति और रियल एस्टेट में बड़े निवेश के संकेत मिले हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला अब और गहराई से खंगाला जा रहा है।

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सेवा काल के दौरान संपत्ति में बढ़ोतरी
जांच एजेंसियों के अनुसार, मनोज कुमार रजक ने वर्ष 2009 में सहायक अभियंता के रूप में अपनी सेवा शुरू की थी। इसके बाद से उनकी अधिकतर तैनाती सीमांचल क्षेत्र के विभिन्न जिलों—जैसे अररिया, कटिहार, दरभंगा और मधुबनी—में रही। इसी दौरान उन्होंने कई स्थानों पर जमीन खरीदने और व्यावसायिक निर्माण कराने जैसे निवेश किए। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास जमीन खरीदकर वहां गोदाम और अन्य ढांचे तैयार किए गए।

कई जिलों में संपत्ति का विस्तार
जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि अररिया में उन्होंने दो आवासीय प्लॉट खरीदे थे। वहीं दरभंगा में एक भूखंड पर दो मंजिला मकान बनवाया गया, जिसका उपयोग हाल ही में शुरू हुआ है। इसके अलावा शहर में अन्य जमीनों की खरीद का भी पता चला है। सुपौल जिले में स्थित उनके पैतृक गांव में गैस एजेंसी से जुड़ा कारोबार भी स्थापित किया गया है, जिसके लिए जमीन लेकर गोदाम और कार्यालय का निर्माण कराया गया।

आय और संपत्ति के बीच अंतर
अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक आंकड़ों में उनकी संपत्ति वैध आय से काफी अधिक पाई गई है। पहले दर्ज मामले में करीब 1.20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्ति का अनुमान था, लेकिन अब जांच में इससे अधिक संपत्ति सामने आने की संभावना जताई जा रही है। यह भी सामने आया है कि नौकरी शुरू करने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति सामान्य थी और उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए ऋण भी लिया था, जिसे बाद में चुकाया गया।

विदेशी निवेश के पहलू पर भी नजर
जांच एजेंसियां इस मामले में विदेशी निवेश के पहलू को भी खंगाल रही हैं। जानकारी के अनुसार, नेपाल में संपत्ति और अन्य संबंधों को लेकर भी जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है। यदि यह तथ्य सही पाए जाते हैं, तो यह मामला और गंभीर हो सकता है, क्योंकि सरकारी सेवा में रहते हुए विदेश में निवेश और यात्रा के लिए निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य होता है।

जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा
आर्थिक अपराध इकाई ने संकेत दिए हैं कि मामले की जांच अभी जारी है और कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। विभिन्न स्थानों पर संपत्ति और निवेश के स्रोतों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।

प्रशासन की नजरें मामले पर
यह मामला प्रशासन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें एक सरकारी अधिकारी की वित्तीय गतिविधियों पर सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष तरीके से जांच हो और आवश्यक कार्रवाई की जाए।

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