Hydration – तेज गर्मी में पानी पीने की ये गलतियां बढ़ा सकती हैं डिहाइड्रेशन
Hydration – भीषण गर्मी के मौसम में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी माना जाता है। हालांकि केवल ज्यादा पानी पी लेना ही शरीर को पूरी तरह हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त नहीं होता। कई लोग अनजाने में ऐसी आदतें अपना लेते हैं, जिनकी वजह से प्यास बार-बार लगती रहती है और शरीर में थकान, कमजोरी या सिरदर्द जैसी समस्याएं महसूस होने लगती हैं। आयुर्वेद विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मियों में पानी पीने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उसकी मात्रा।

बहुत ठंडा पानी पीना पड़ सकता है भारी
गर्मी से राहत पाने के लिए अधिकांश लोग सीधे फ्रिज का बर्फ जैसा ठंडा पानी पी लेते हैं। कुछ समय के लिए यह शरीर को ठंडक जरूर देता है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे सही आदत नहीं मानते। आयुर्वेद के अनुसार अत्यधिक ठंडा पानी शरीर की पाचन प्रक्रिया को धीमा कर सकता है। इससे भोजन पचने में दिक्कत और भारीपन जैसी परेशानी महसूस हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य तापमान वाला पानी शरीर में जल्दी अवशोषित होता है और वास्तविक रूप से प्यास बुझाने में मदद करता है। मिट्टी के घड़े का पानी या सामान्य नल का पानी गर्मियों में ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
सिर्फ सादा पानी हर बार नहीं होता पर्याप्त
तेज गर्मी में पसीने के जरिए शरीर से कई जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं। ऐसे में केवल सादा पानी पीना हर स्थिति में पर्याप्त नहीं माना जाता। शरीर को सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे तत्वों की भी जरूरत होती है, जो अत्यधिक पसीना आने पर कम हो सकते हैं।
आयुर्वेद और स्वास्थ्य विशेषज्ञ गर्मियों में प्राकृतिक पेय पदार्थों को शामिल करने की सलाह देते हैं। नारियल पानी, छाछ, मट्ठा, नींबू पानी और सत्तू जैसे पेय शरीर को ठंडक देने के साथ इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। इससे शरीर लंबे समय तक तरोताजा महसूस करता है।
एक साथ ज्यादा पानी पीना सही तरीका नहीं
कई लोगों की आदत होती है कि तेज प्यास लगने पर वे एक बार में बहुत ज्यादा पानी पी लेते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह तरीका शरीर के लिए सही नहीं माना जाता। एक साथ अत्यधिक पानी पीने से शरीर उसे ठीक तरह से इस्तेमाल नहीं कर पाता और कई बार कमजोरी या सुस्ती महसूस होने लगती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दिनभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीना ज्यादा बेहतर तरीका है। नियमित अंतराल पर पानी लेने से शरीर में तरल संतुलन बना रहता है और डिहाइड्रेशन का खतरा कम होता है।
कोल्ड ड्रिंक से नहीं बुझती असली प्यास
गर्मी के मौसम में बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक और पैकेज्ड पेय पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। हालांकि डॉक्टर और आयुर्वेद विशेषज्ञ इन्हें सीमित मात्रा में लेने की सलाह देते हैं। इनमें मौजूद अधिक शुगर और कृत्रिम तत्व शरीर को कुछ समय के लिए ठंडक तो देते हैं, लेकिन लंबे समय में शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक ज्यादा मीठे पेय पदार्थ शरीर की कोशिकाओं से अतिरिक्त पानी खींच सकते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ सकती है। यही वजह है कि प्राकृतिक और घरेलू पेय पदार्थों को ज्यादा सुरक्षित और लाभकारी माना जाता है।
गर्मियों में क्या पीना माना जाता है बेहतर
स्वास्थ्य विशेषज्ञ गर्मी के मौसम में ऐसे पेय पदार्थों को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं जो शरीर को अंदर से ठंडक दें और जरूरी पोषक तत्व भी पहुंचाएं। इनमें नारियल पानी, छाछ, सत्तू का घोल, नींबू पानी, गुलकंद का शरबत और मिट्टी के घड़े का पानी शामिल हैं। ये पेय न केवल शरीर को हाइड्रेट रखते हैं, बल्कि गर्मी से होने वाली थकान को भी कम करने में मदद करते हैं।