झारखण्ड

ElectricityTariff – झारखंड में बिजली दरों में लागू हुई 6.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी

ElectricityTariff – झारखंड में नए वित्त वर्ष से बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। राज्य बिजली नियामक आयोग ने वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में 6.12 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है। यह नई दरें एक अप्रैल से लागू होंगी। आयोग का कहना है कि बढ़ोतरी सीमित रखी गई है ताकि उपभोक्ताओं पर अधिक दबाव न पड़े, जबकि वितरण कंपनियों की जरूरतों का भी ध्यान रखा जा सके।

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शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं पर असर

नए टैरिफ के तहत शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट बिजली की कीमत में 55 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। अब उन्हें 7.40 रुपये प्रति यूनिट भुगतान करना होगा, जो पहले 6.85 रुपये था। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी तय की गई है, जिससे दर 6.70 रुपये से बढ़कर 7.20 रुपये हो गई है। आयोग के अनुसार, यह बदलाव संतुलित तरीके से किया गया है ताकि दोनों वर्गों के उपभोक्ताओं पर असर नियंत्रित रहे।

व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए नई दरें

व्यावसायिक श्रेणी में भी दरों में वृद्धि की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 50 पैसे और शहरी क्षेत्रों में 60 पैसे की बढ़ोतरी लागू की गई है। हालांकि, कृषि क्षेत्र से जुड़े उपभोक्ताओं को राहत देते हुए उनकी बिजली दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे किसानों को बढ़ती लागत के बीच कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के लिए अलग दरें

आयोग ने सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों के लिए भी अलग दरें निर्धारित की हैं। सोलर समय यानी सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली की दर 7 रुपये प्रति यूनिट रखी गई है, जबकि अन्य समय में यह दर 8.70 रुपये प्रति यूनिट होगी। इस फैसले को स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

प्रस्ताव से काफी कम बढ़ोतरी

गौरतलब है कि बिजली वितरण कंपनी ने दरों में करीब 59 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, विस्तृत समीक्षा के बाद आयोग ने इसे काफी कम करते हुए 6.12 प्रतिशत तक सीमित रखा। आयोग का कहना है कि उपभोक्ताओं और कंपनी दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह संतुलित फैसला लिया गया है।

समय पर भुगतान पर मिलेगी छूट

उपभोक्ताओं को समय पर बिल भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भी कुछ राहत दी गई है। बिल जारी होने के पांच दिनों के भीतर भुगतान करने पर दो प्रतिशत की छूट मिलेगी। इसके अलावा, प्रीपेड स्मार्ट मीटर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा शुल्क में तीन प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जाएगी।

वितरण नुकसान पर भी फैसला

आयोग ने वितरण नुकसान को 13 प्रतिशत तक स्वीकार किया है, जो बिजली कंपनी के प्रस्तावित आंकड़ों से काफी कम है। इससे यह संकेत मिलता है कि सिस्टम में सुधार और नुकसान कम करने पर भी जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे भविष्य में दरों को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है।

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