AIIMSIncident – पीजी छात्र ने हॉस्टल में आत्महत्या का प्रयास, हालत गंभीर…
AIIMSIncident – पटना स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से एक गंभीर और चिंताजनक घटना सामने आई है। यहां पीजी प्रथम वर्ष के एक छात्र ने अपने छात्रावास के कमरे में कथित तौर पर नशीला पदार्थ लेकर आत्महत्या करने की कोशिश की। छात्र की पहचान डॉक्टर विश्वास कुमार के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के मुकुंदपुर के निवासी बताए जा रहे हैं। फिलहाल उन्हें एम्स के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है और उनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है।

ड्यूटी पर नहीं पहुंचने से साथियों को हुआ शक
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को डॉक्टर विश्वास की ड्यूटी निर्धारित थी, लेकिन काफी समय तक उनके अस्पताल नहीं पहुंचने पर सहकर्मियों को चिंता हुई। कई बार संपर्क करने की कोशिश के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला, तो उनके साथी डॉक्टर छात्रावास के कमरे तक पहुंचे। कमरा अंदर से बंद था, जिससे संदेह और गहरा गया। जब साथियों ने खिड़की से अंदर झांका, तो डॉक्टर विश्वास को बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़ा देखा।
खिड़की तोड़कर पहुंचाया गया अस्पताल
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए साथियों ने तुरंत खिड़की तोड़ी और कमरे में प्रवेश किया। बिना देर किए उन्हें बाहर निकालकर एम्स के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके उपचार में जुटी हुई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, उन्होंने किसी नशीले पदार्थ का सेवन किया था, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कमरे से मिला सुसाइड नोट, जांच तेज
घटना की सूचना मिलते ही फुलवारी शरीफ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे की तलाशी ली। इस दौरान एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जो अंग्रेजी में लिखा गया था। नोट में लिखा था, “Do not try to revive me, let me die in peace।” पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह नोट कई सवाल खड़े करता है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
एफएसएल जांच और पूछताछ जारी
थानाध्यक्ष गुलाम शाहबाज आलम ने बताया कि कमरे को सील कर दिया गया है और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। साथ ही डॉक्टर विश्वास के सहपाठियों और करीबी लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह समझा जा सके कि उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया। फिलहाल घटना के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर भी उठे सवाल
इस घटना ने मेडिकल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्य दबाव को लेकर भी चर्चा को जन्म दिया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच की जा रही है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में हुई इस घटना ने सभी को झकझोर दिया है। फिलहाल सभी की नजरें डॉक्टर विश्वास की स्वास्थ्य स्थिति और जांच के नतीजों पर टिकी हुई हैं।