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TelecomDues – एजीआर भुगतान नियमों पर सरकार सख्त, कंपनियों पर बढ़ा दबाव

TelecomDues – टेलीकॉम सेक्टर में एजीआर बकाया को लेकर सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम (DoT) की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार भारती एयरटेल और टाटा टेलीसर्विसेज को कुल मिलाकर लगभग 10,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। यह राशि 31 मार्च तक जमा करनी अनिवार्य है। वहीं, वोडाफोन आइडिया को इस मामले में कुछ राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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किस्तों में भुगतान का पालन जरूरी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत इन कंपनियों को एजीआर बकाया किस्तों में चुकाने की अनुमति है। हालांकि, तय समयसीमा का पालन न करने पर इसे अदालत की अवमानना माना जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि कंपनियों के पास भुगतान में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। सरकार और न्यायपालिका दोनों ही इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाए हुए हैं।

शेयर बाजार में वोडाफोन आइडिया पर नजर

शुक्रवार को बाजार बंद होने तक वोडाफोन आइडिया के शेयर में हल्की गिरावट दर्ज की गई और यह 1.66 प्रतिशत नीचे आकर 8.90 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, लंबे समय के नजरिए से देखें तो पिछले एक साल में इस शेयर ने करीब 28 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है। एजीआर से जुड़ी राहत की संभावनाओं के चलते निवेशकों की नजर अब इस स्टॉक पर बनी हुई है।

एयरटेल की मांग और सरकार का जवाब

भारती एयरटेल ने पहले डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम को पत्र लिखकर एजीआर बकाया के पुनर्मूल्यांकन की मांग की थी, ठीक उसी तरह जैसे वोडाफोन आइडिया को राहत मिली है। लेकिन सरकार ने इस पर स्पष्ट कर दिया कि अगर कोई कंपनी राहत चाहती है, तो उसे सुप्रीम कोर्ट का रुख करना होगा। फिलहाल, किसी भी टेलीकॉम कंपनी ने अदालत में नई याचिका दायर नहीं की है।

कंपनियों पर बकाया का बोझ कितना

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारती एयरटेल को लगभग 5000 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं, टाटा टेलीसर्विसेज के हिस्से में 4000 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी आती है। यदि ये कंपनियां भुगतान किस्तों में करती हैं, तो कुल भुगतान राशि और बढ़ सकती है, क्योंकि ब्याज का असर भी जुड़ता जाएगा।

वोडाफोन आइडिया को मिली विशेष राहत

वोडाफोन आइडिया को सरकार ने पहले ही बड़ी राहत दी है। 31 दिसंबर 2025 को सरकार ने कंपनी के करीब 87,695 करोड़ रुपये के बकाया को फिलहाल स्थगित कर दिया था। इसके साथ ही कंपनी को इस राशि के भुगतान के लिए 16 साल का समय दिया गया है, जिसकी शुरुआत 10 साल बाद होगी। यह राहत अन्य टेलीकॉम कंपनियों को नहीं दी गई है।

एजीआर पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी

डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम फिलहाल वोडाफोन आइडिया के एजीआर बकाया का पुनर्मूल्यांकन कर रहा है। उम्मीद की जा रही है कि यह प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी, जिसके बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि कंपनी पर वास्तविक देनदारी कितनी बनती है। इस फैसले का असर पूरे टेलीकॉम सेक्टर पर पड़ सकता है, खासकर प्रतिस्पर्धा और वित्तीय स्थिरता के लिहाज से।

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