CensusUpdate – जनगणना प्रक्रिया फिर शुरू, लिव इन संबंधों पर आए स्पष्ट नियम
CensusUpdate – कोरोना महामारी के चलते टली देश की जनगणना अब दोबारा शुरू होने जा रही है। सरकार ने इसकी समय-सीमा तय कर दी है, जिसके अनुसार प्रक्रिया अप्रैल 2026 से शुरू होकर फरवरी 2027 तक चलेगी। इस बार जनगणना कई मायनों में अलग होगी, क्योंकि इसे पूरी तरह डिजिटल तरीके से आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने कुछ अहम पहलुओं पर भी स्पष्टता दी है, जिनमें लिव इन संबंधों को लेकर नियम भी शामिल हैं।

लिव इन संबंधों को लेकर क्या है सरकार का रुख
महापंजीयक और जनगणना आयुक्त के अनुसार, अगर दो लोग एक साथ स्थायी रूप से रह रहे हैं और अपने संबंध को स्थिर मानते हैं, तो उन्हें विवाहित जोड़े की श्रेणी में रखा जा सकता है। यह फैसला उन बदलते सामाजिक ढांचे को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जहां पारंपरिक विवाह के अलावा अन्य प्रकार के संबंध भी सामने आ रहे हैं। हालांकि, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित व्यक्ति अपने रिश्ते को किस रूप में स्वीकार करते हैं।
निजी जानकारी की गोपनीयता पर जोर
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान जुटाई गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी। सेंसस एक्ट 1948 के तहत किसी भी व्यक्ति की जानकारी को सार्वजनिक या साझा नहीं किया जा सकता। अधिकारियों को इस नियम का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नागरिक बिना किसी संकोच के सही जानकारी दे सकें।
अनुचित सवाल पूछने पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान
जनगणना प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों के व्यवहार को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। निर्देश जारी किए गए हैं कि कोई भी अधिकारी यदि आपत्तिजनक या गैरजरूरी सवाल पूछता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है। संबंधित कानून के तहत दोषी पाए जाने पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना या तीन साल तक की सजा हो सकती है।
दो चरणों में पूरी होगी जनगणना
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के अनुसार, इस बार जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच होगा, जिसमें घरों और उनकी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें यह देखा जाएगा कि घर में पानी, बिजली, शौचालय, ईंधन और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं। साथ ही परिवार के पास मौजूद उपकरणों और वाहनों की जानकारी भी ली जाएगी।
दूसरे चरण में जुटाई जाएगी व्यक्तिगत जानकारी
दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा, जिसमें जनसंख्या से संबंधित विस्तृत आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, नाम, उम्र, लिंग, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा, धर्म और भाषा जैसी जानकारियां शामिल होंगी। इसके अलावा रोजगार की स्थिति, दिव्यांगता और महिलाओं से उनके बच्चों से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी।
डिजिटल माध्यम से होगी पूरी प्रक्रिया
इस बार की जनगणना को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी की गई है। नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प भी दिया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आसान हो सके। सरकार का मानना है कि इससे आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी और समय की बचत भी होगी।



