CabinetReshuffle – केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चाओं के बीच सुर्खियों में आए कई नाम
CabinetReshuffle – केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक बदलाव को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, सरकार या भारतीय जनता पार्टी की ओर से अब तक किसी भी बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और राजनीतिक सूत्रों के हवाले से कई वरिष्ठ नेताओं के दायित्वों में परिवर्तन की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि संसद के मानसून सत्र से पहले इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय सामने आ सकते हैं।

शिक्षा मंत्री को लेकर बनी हुई है चर्चा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के भविष्य को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चाएं हैं कि उन्हें संगठन में नई भूमिका सौंपी जा सकती है, जबकि कुछ रिपोर्टों में उनके मौजूदा पद पर बने रहने की भी संभावना व्यक्त की गई है। फिलहाल इस विषय पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, इसलिए स्थिति स्पष्ट नहीं है।
नितिन गडकरी को मिल सकती है अतिरिक्त जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का नेतृत्व कर रहे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को भविष्य में अतिरिक्त मंत्रालय सौंपे जाने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है। गडकरी लंबे समय से इस मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट उनके कार्यकाल में आगे बढ़े हैं। हालांकि, उनके दायित्वों में किसी संभावित बदलाव को लेकर अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
नए चेहरों की एंट्री की भी अटकलें
राजनीतिक चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि संभावित विस्तार के दौरान कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्टों में भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास का नाम भी चर्चा में है। इसके साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को किसी अन्य जिम्मेदारी दिए जाने संबंधी कयास भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भाजपा संगठन में भी बदलाव की संभावना
भाजपा की केंद्रीय टीम में भी बदलाव की चर्चाएं जारी हैं। इसी बीच पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस बैठक में भाजपा महासचिव बीएल संतोष भी मौजूद रहे। बैठक के एजेंडे की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि संगठन की नई टीम और आगामी रणनीति से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ हो सकता है।
वरिष्ठ और युवा नेताओं को मिल सकता है अवसर
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवा चेहरों को भी स्थान दिया जा सकता है। यह भी चर्चा है कि सरकार में जिम्मेदारी निभा रहे कुछ नेताओं को संगठन में अहम भूमिका दी जा सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ऐसा होता है तो मंत्रिमंडल और संगठन दोनों में एक साथ बदलाव देखने को मिल सकता है।
कुछ मंत्रियों के नाम भी चर्चा में
संभावित फेरबदल को लेकर कुछ मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों के नाम भी राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बने हुए हैं। मीडिया रिपोर्टों में हरदीप सिंह पुरी और रवनीत सिंह बिट्टू के नामों का उल्लेख किया गया है। माना जा रहा है कि आगामी राज्यों के चुनावों को ध्यान में रखते हुए कुछ नेताओं को संगठन में नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं, जॉर्ज कुरियन पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। फिलहाल इन सभी संभावनाओं पर अंतिम फैसला आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।