अंतर्राष्ट्रीय

MiddleEast – अमेरिका-इजरायल मतभेद के बीच नई रिपोर्ट से बढ़ी कूटनीतिक हलचल

MiddleEast – ईरान से जुड़े हालिया सैन्य तनाव के बाद अमेरिका और इजरायल के संबंधों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों देशों के बीच युद्ध के बाद की रणनीति को लेकर मतभेद उभरकर सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार, जहां अमेरिका क्षेत्र में तनाव कम कर बातचीत का रास्ता बनाए रखना चाहता था, वहीं इजरायल सुरक्षा संबंधी अपने रुख पर कायम रहा। इसी बीच एक कथित खुफिया इनपुट को लेकर सामने आई जानकारी ने पश्चिम एशिया की कूटनीतिक गतिविधियों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

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रिपोर्ट में ईरानी प्रतिनिधिमंडल से जुड़ा दावा

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने मध्य पूर्व के कुछ देशों के माध्यम से ईरान को संभावित सुरक्षा खतरे की जानकारी पहुंचाई थी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह संदेश ईरानी नेतृत्व को इसलिए भेजा गया ताकि वार्ता से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बताया गया कि सूचना मिलने के बाद ईरान ने अपने शीर्ष अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था और यात्रा कार्यक्रम में आवश्यक बदलाव किए।

दो वरिष्ठ नेताओं का नाम आया सामने

रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघर गालिबफ संभावित निशाने पर हो सकते थे। दोनों नेता उस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की ओर से कूटनीतिक प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के भीतर भी उस समय राजनीतिक और राजनयिक जिम्मेदारियों का बड़ा हिस्सा इन्हीं नेताओं के कंधों पर था, इसलिए उनकी सुरक्षा को विशेष महत्व दिया गया।

यात्रा के दौरान सुरक्षा अलर्ट का दावा

मीडिया रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि एक यात्रा के दौरान ईरानी खुफिया एजेंसियों को संभावित खतरे से जुड़ा इनपुट मिला। इसके बाद संबंधित विमान की यात्रा योजना में बदलाव किया गया और सुरक्षा कारणों से उसे वैकल्पिक हवाई अड्डे पर उतारा गया। बाद में वरिष्ठ नेता को सड़क मार्ग से सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है।

अमेरिका की रणनीति पर उठे सवाल

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका नहीं चाहता था कि संभावित शांति वार्ता किसी नए घटनाक्रम की वजह से प्रभावित हो। दावा किया गया है कि लंबे समय तक चले सैन्य तनाव और बढ़ते क्षेत्रीय दबाव के बाद वाशिंगटन कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहता था। इसी कारण कथित तौर पर ईरानी अधिकारियों को संभावित खतरे के बारे में आगाह किया गया, ताकि बातचीत की प्रक्रिया बाधित न हो।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह भी दावा किया गया कि अमेरिकी दबाव के बाद इजरायल ने कथित तौर पर कुछ नाम अपनी संभावित कार्रवाई की सूची से हटा दिए थे। हालांकि, इन दावों पर अमेरिका, इजरायल या ईरान की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में सामने आई जानकारी फिलहाल मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर सभी पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है

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