FoodSecurity – सरकार ने खाद्य भंडार और LPG आपूर्ति को लेकर दिया जनता को दिया भरोसा
FoodSecurity – पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि भारत में खाद्य सामग्री और ईंधन की उपलब्धता को लेकर फिलहाल कोई संकट नहीं है। सरकार का कहना है कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरी संसाधनों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, देश में खाद्यान्न भंडार पर्याप्त मात्रा में मौजूद है और ऊर्जा आपूर्ति भी सामान्य रूप से जारी है।

खाद्यान्न भंडार निर्धारित मानकों से काफी अधिक
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, देश में गेहूं और चावल का भंडार तय मानकों से कहीं ज्यादा है। संयुक्त सचिव सी. शिखा ने बताया कि वर्तमान में करीब 222 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 380 लाख मीट्रिक टन चावल उपलब्ध है। इस तरह कुल भंडार लगभग 602 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचता है, जो आवश्यक बफर स्टॉक से लगभग तीन गुना अधिक है।
सरकार का मानना है कि इस मजबूत भंडारण स्थिति के चलते किसी भी आपात परिस्थिति में आपूर्ति बनाए रखना संभव है।
कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए उठाए गए कदम
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों को स्थिर बनाए रखने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जरूरतमंद वर्गों को नियमित रूप से अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा, खुले बाजार में नियंत्रित मात्रा में अनाज जारी कर कीमतों को संतुलित रखा जा रहा है।
राज्यों को अतिरिक्त वितरण के लिए रियायती दर पर चावल भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर आपूर्ति में किसी तरह की कमी न हो।
गेहूं खरीद और लॉजिस्टिक्स पर लगातार निगरानी
सरकार ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसकी नियमित समीक्षा की जा रही है। खरीद और वितरण में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए पैकेजिंग सामग्री और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है।
विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बनाकर आपूर्ति श्रृंखला को सुचारु रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
LPG आपूर्ति को लेकर स्थिति सामान्य
ऊर्जा क्षेत्र को लेकर भी सरकार ने राहत भरी जानकारी दी है। अधिकारियों के अनुसार, एलपीजी की उपलब्धता पर्याप्त है और मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त खेप पहले से ही तय कर ली गई हैं। हाल ही में भारतीय जहाज ‘ग्रीन संघवी’ और ‘ग्रीन आशा’ सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं, जिससे आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिली है।
वितरण व्यवस्था को बनाए रखने के प्रयास
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि तेल और गैस कंपनियां स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं। राज्यों के साथ मिलकर नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि वितरण प्रक्रिया बाधित न हो और जमाखोरी या कालाबाजारी जैसी समस्याओं पर नियंत्रण रखा जा सके।
उन्होंने कहा कि देशभर में एलपीजी वितरण सामान्य रूप से जारी है और किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।
रोजाना लाखों सिलेंडरों की आपूर्ति
सरकार के मुताबिक, प्रतिदिन करीब 50 लाख गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। ऑनलाइन बुकिंग का प्रतिशत भी काफी बढ़ चुका है और अधिकांश वितरण में ओटीपी आधारित सत्यापन लागू किया गया है।
इसके अलावा, उपभोक्ताओं को बिना रुकावट सेवा देने के लिए वितरक छुट्टियों और सप्ताहांत में भी काम कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में भी देश की खाद्य और ईंधन आपूर्ति प्रणाली पूरी तरह सक्षम और सक्रिय बनी हुई है।



