BusFareHike – बिहार में बस किराया बढ़ाने का प्रस्ताव, सुझाव आमंत्रित
BusFareHike – बिहार में सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में खर्च बढ़ सकता है। परिवहन विभाग ने बस किराये में वृद्धि को लेकर एक प्रस्ताव जारी किया है, जिसके तहत दूरी के आधार पर किराया बढ़ाने की योजना बनाई गई है। यह प्रस्ताव अभी अंतिम रूप में नहीं है और इस पर आम लोगों तथा संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं।

दूरी के अनुसार किराया बढ़ाने की योजना
जारी अधिसूचना के मुताबिक, किराया वृद्धि अलग-अलग दूरी के हिसाब से तय की गई है। 50 किलोमीटर तक की यात्रा पर लगभग 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव है, जबकि 100 किलोमीटर तक 14 प्रतिशत और 150 किलोमीटर तक 13 प्रतिशत वृद्धि की बात कही गई है। इसी तरह 200 किलोमीटर तक 12 प्रतिशत, 250 किलोमीटर तक 11 प्रतिशत और 300 किलोमीटर से अधिक दूरी पर 10 प्रतिशत तक किराया बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। इस तरह की संरचना का उद्देश्य दूरी के अनुसार संतुलित किराया तय करना बताया गया है।
एक महीने के भीतर मांगे गए सुझाव
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रस्तावित दरें हैं और इन्हें लागू करने से पहले सभी पक्षों की राय ली जाएगी। विभाग ने एक महीने का समय निर्धारित किया है, जिसमें आम नागरिक, बस संचालक और अन्य संबंधित लोग अपनी आपत्तियां या सुझाव दर्ज करा सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा, ताकि यात्रियों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के बीच संतुलन बना रहे।
बस संचालकों की भी होगी भूमिका
बिहार राज्य मोटर फेडरेशन के प्रतिनिधियों के अनुसार, विभाग हर पांच साल में किराये की समीक्षा करता है। इस प्रस्ताव पर संगठन के भीतर भी चर्चा की जाएगी और उसके बाद सामूहिक निर्णय लिया जाएगा। बस संचालकों का मानना है कि बढ़ती लागत, खासकर ईंधन की कीमतों को देखते हुए किराया संशोधन जरूरी हो जाता है।
पहले भी बढ़ चुके हैं किराये, उठ रहे सवाल
हालांकि, कई यात्रियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में किराये में कई बार वृद्धि देखी गई है। विशेष रूप से डीजल के दाम बढ़ने के दौरान निजी बस संचालकों ने अपने स्तर पर किराया बढ़ाया था। इस पर पर्याप्त निगरानी नहीं होने के कारण यात्रियों को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ा। ऐसे में नए प्रस्ताव को लेकर भी लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या इससे किराये में और बढ़ोतरी होगी।
प्रस्तावित दरों का संभावित असर
अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो विभिन्न मार्गों पर किराये में बदलाव देखने को मिलेगा। उदाहरण के तौर पर, मुजफ्फरपुर से दरभंगा, सीतामढ़ी, पटना और अन्य शहरों के बीच यात्रा महंगी हो सकती है। इससे दैनिक यात्रियों और आम लोगों के बजट पर असर पड़ सकता है, खासकर उन लोगों पर जो नियमित रूप से बस सेवाओं का उपयोग करते हैं।
अंतिम निर्णय पर टिकी निगाहें
फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है और विभाग द्वारा प्राप्त सुझावों के आधार पर इसमें बदलाव भी संभव है। यात्रियों और बस संचालकों दोनों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि सरकार अंतिम निर्णय क्या लेती है और नई दरें किस रूप में लागू की जाती हैं।



