TerrorModule – दुबई लिंक वाले नेटवर्क से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार
TerrorModule – उत्तर प्रदेश पुलिस ने संदिग्ध आतंकी गतिविधियों से जुड़े एक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बिजनौर जिले में की गई, जहां से समीर उर्फ रूहान और राजूराम गोदारा को हिरासत में लिया गया। दोनों का संबंध उस नेटवर्क से बताया जा रहा है, जिसका कथित संचालन दुबई में बैठे आकिब खान द्वारा किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, पहले से दर्ज मामलों की जांच के दौरान समीर फरार चल रहा था और उसकी तलाश की जा रही थी।

पूछताछ में सामने आई साजिश की परतें
गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कई अहम जानकारियां दी हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क युवाओं को जोड़कर अवैध गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहा था। इसमें खासतौर पर वाहनों में आगजनी और रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने जैसी साजिशें शामिल थीं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ा जा रहा था और उन्हें आर्थिक लालच देकर शामिल किया जाता था।
सोशल मीडिया के जरिए हुआ संपर्क
पुलिस के मुताबिक, समीर ने पूछताछ में बताया कि वह रोजगार के सिलसिले में महाराष्ट्र गया था, जहां उसकी मुलाकात कुछ लोगों से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई। व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए उसे संपर्क किया गया और विभिन्न कार्यों के बदले पैसे देने का वादा किया गया। इसी तरह धीरे-धीरे वह इस नेटवर्क का हिस्सा बन गया। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर युवाओं को प्रभावित करने का यह तरीका जांच का महत्वपूर्ण पहलू है।
पहले भी सामने आ चुका है हथियारों का प्रदर्शन
जांच में यह भी सामने आया है कि पिछले वर्ष नवंबर में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ युवक कथित रूप से हथियारों का प्रदर्शन करते नजर आए थे। इस मामले में आर्म्स एक्ट और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। उस समय आरोपियों ने हथियारों को खिलौना बताकर मामले से बचने की कोशिश की थी, लेकिन बाद में जांच में इनके तार गंभीर गतिविधियों से जुड़े पाए गए।
प्रशासनिक स्तर पर भी हुई कार्रवाई
इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने आंतरिक स्तर पर भी सख्त कदम उठाए थे। जांच के दौरान लापरवाही पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी को निलंबित किया गया था, जबकि क्षेत्राधिकारी को पद से हटाया गया। अधिकारियों का कहना है कि संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मोबाइल डेटा से मिल रहे अहम सुराग
गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फोन की जांच जारी है। शुरुआती जांच में कई आपत्तिजनक वीडियो और संदेश मिले हैं, जिनसे नेटवर्क की गतिविधियों का संकेत मिलता है। पुलिस का मानना है कि इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा सकती है और पूरे नेटवर्क को उजागर करने में मदद मिलेगी।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इस मामले में पुलिस पहले ही कुछ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। 10 अप्रैल को दो संदिग्धों को पकड़ा गया था, जिन्हें अदालत में पेश किया गया। इसके अलावा एक अन्य मामले में टेलीग्राम ग्रुप के जरिए राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की जानकारी मिली थी, जिसमें राजूराम गोदारा की भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार, वह इस ग्रुप का संचालन कर रहा था।
आगे की जांच जारी
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। बरामद डिजिटल सामग्री और पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अन्य एजेंसियों की मदद भी ली जाएगी।