WomenReservation – संसद में महिला आरक्षण संशोधन पर गरमाई राजनीति
WomenReservation – संसद में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक को लेकर सियासी माहौल शुक्रवार को काफी गरम रहा। इस मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और कहा कि महिलाओं के नाम पर राजनीति की जा रही है। उनका कहना था कि यह मामला केवल आरक्षण का नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों और फैसलों की पारदर्शिता से भी जुड़ा है।

अजय राय ने सरकार की नीयत पर उठाए सवाल
अजय राय ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक वर्ष 2023 में संसद से पारित हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद इसे लंबे समय तक लागू नहीं किया गया। उनके मुताबिक, इस देरी से सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और वास्तविक उद्देश्य कहीं और है। उनका यह भी कहना था कि सरकार को पहले इस कानून को पूरी तरह लागू करना चाहिए था, उसके बाद किसी संशोधन की बात करनी चाहिए थी।
परिसीमन को लेकर भी जताई आपत्ति
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के बहाने परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही थी। उनके अनुसार, इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की एकजुटता के चलते यह प्रयास सफल नहीं हो सका। अजय राय का कहना था कि लोकतंत्र में ऐसे फैसले व्यापक सहमति से होने चाहिए, न कि किसी एक पक्ष के राजनीतिक हितों के आधार पर।
संसद में अधिसूचना को लेकर हुआ विवाद
लोकसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान अधिसूचना जारी करने के समय और प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। विपक्षी सांसदों ने सवाल उठाया कि जब मूल अधिनियम को अधिसूचित ही नहीं किया गया था, तो उसमें संशोधन कैसे लाया जा सकता है। इस दौरान कई सांसदों ने सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग की। चर्चा के दौरान यह मुद्दा बार-बार उठता रहा और सदन में शोर-शराबा भी देखने को मिला।
सांसदों के बीच हल्की नोकझोंक का भी दृश्य
बहस के दौरान एक ऐसा पल भी आया जब माहौल कुछ हल्का हो गया। विभिन्न सांसदों द्वारा बोलने के अवसर को लेकर आपसी टिप्पणियों के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुस्कुराते नजर आए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि जब एक सदस्य को बोलने का मौका दिया जाता है, तो दूसरे सदस्य शिकायत करने लगते हैं। इस टिप्पणी पर सदन में कुछ देर के लिए हल्की हंसी भी गूंज उठी, हालांकि इसके बाद चर्चा फिर गंभीर मुद्दों की ओर लौट गई।
आधी रात को लागू हुआ कानून
इस पूरे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण से जुड़े कानून को लागू करने का कदम उठाया। जानकारी के अनुसार, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला यह कानून गुरुवार देर रात से प्रभावी कर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय का उद्देश्य संभावित कानूनी जटिलताओं से बचना हो सकता है, ताकि आगे किसी तरह का विवाद न खड़ा हो।
आगे भी जारी रह सकती है बहस
महिला आरक्षण और उससे जुड़े संशोधन को लेकर राजनीतिक बहस फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से लगातार जवाब मांग रहा है, वहीं सरकार अपने फैसलों को सही ठहरा रही है। आने वाले समय में यह मुद्दा संसद के साथ-साथ राजनीतिक मंचों पर भी चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।