AmbulanceDelay – पेट्रोल खत्म होने से रास्ते में अटकी एंबुलेंस, मरीज की हुई मौत…
AmbulanceDelay – उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां समय पर इलाज न मिल पाने की वजह से एक व्यक्ति की जान चली गई। बैरिया क्षेत्र में एक मरीज को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस रास्ते में ही रुक गई, क्योंकि उसमें पेट्रोल खत्म हो गया था। परिजन और स्थानीय लोग मदद के लिए भटकते रहे, लेकिन समय पर ईंधन नहीं मिल सका। अंततः जब किसी तरह पेट्रोल की व्यवस्था हुई और मरीज अस्पताल पहुंचा, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

रास्ते में रुकी एंबुलेंस, बढ़ी परेशानी
पांडेपुर गांव के रहने वाले करीब 50 वर्षीय छट्ठु शर्मा को रात में अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। परिवार ने तुरंत स्थानीय ग्राम प्रधान को सूचना दी, जिन्होंने एक निजी एंबुलेंस की व्यवस्था कर मरीज को अस्पताल भेजा। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ दूरी तय करने के बाद एंबुलेंस का पेट्रोल खत्म हो गया। यह स्थिति अचानक सामने आई और इससे मरीज की हालत और गंभीर हो गई।
पेट्रोल के लिए दर-दर भटकना पड़ा
एंबुलेंस चालक नजदीकी पेट्रोल पंप तक पहुंचा, लेकिन वहां मौजूद कर्मचारियों ने ईंधन उपलब्ध न होने की बात कहकर मदद करने से इनकार कर दिया। परिजनों ने कई बार अनुरोध किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। इस बीच समय लगातार बीतता गया और मरीज की हालत बिगड़ती चली गई। ग्रामीणों के अनुसार, ऐसी स्थिति में त्वरित मदद मिलनी चाहिए थी, जो नहीं मिल सकी।
प्रशासन से भी नहीं मिली राहत
मामले की जानकारी ग्राम प्रधान ने तत्काल प्रशासन को दी और एसडीएम से संपर्क कर मदद मांगी। प्रधान का कहना है कि उन्होंने मरीज की गंभीर स्थिति बताते हुए पेट्रोल की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया, लेकिन निजी एंबुलेंस होने का हवाला देकर सहायता नहीं दी गई। वहीं प्रशासनिक पक्ष का कहना है कि उन्हें यह स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी कि एंबुलेंस में मरीज है।
बाइकों से निकाला गया पेट्रोल
आखिरकार आसपास मौजूद लोगों ने अपनी बाइकों से थोड़ा-थोड़ा पेट्रोल निकालकर एंबुलेंस में डाला। इस जुगाड़ के बाद एंबुलेंस किसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच सकी। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद मरीज को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर ईंधन मिल जाता, तो शायद जान बचाई जा सकती थी।
पेट्रोल संकट से बढ़ी आम लोगों की मुश्किलें
इस घटना के साथ ही गोरखपुर में भी पेट्रोल और डीजल की सीमित उपलब्धता से लोग परेशान नजर आए। कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी के कारण ग्राहकों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा। कुछ स्थानों पर पेट्रोल देने की सीमा तय कर दी गई, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई। दोपहिया वाहनों के लिए 100 से 200 रुपये तक और चारपहिया के लिए सीमित मात्रा में ही ईंधन दिया जा रहा था।
लंबी कतारें और बढ़ती नाराजगी
जहां पेट्रोल उपलब्ध था, वहां लोगों को तेज धूप में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। कई लोग एक पंप से दूसरे पंप तक भटकते रहे। कुछ पंपों पर तो दोपहर में ही ईंधन खत्म हो गया और बैरिकेडिंग कर दी गई। पंप संचालकों का कहना है कि उन्होंने नए स्टॉक के लिए ऑर्डर दिया है, लेकिन आपूर्ति में समय लग रहा है।
प्रशासन का दावा और जमीनी हकीकत
जिला पूर्ति अधिकारी का कहना है कि जिले में ईंधन की कोई बड़ी कमी नहीं है और जहां भी समस्या की जानकारी मिल रही है, वहां आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है। हालांकि, जमीनी स्तर पर सामने आ रही घटनाएं कुछ अलग तस्वीर पेश कर रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने आपातकालीन सेवाओं की तैयारी और ईंधन आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।