RajeshKhanna – फिर चर्चा में आई राजेश खन्ना का सुपरस्टार टैग के पीछे की कहानी…
RajeshKhanna – हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार कहे जाने वाले राजेश खन्ना का नाम आज भी उसी चमक के साथ याद किया जाता है, जैसी उनके करियर के स्वर्णिम दौर में थी। 1969 से 1971 के बीच लगातार 17 हिट फिल्मों का रिकॉर्ड आज भी चर्चा में रहता है। उस समय उनकी लोकप्रियता का आलम ऐसा था कि फैंस, खासकर युवा पीढ़ी, उनके दीवाने थे। अब एक पुराना वीडियो सामने आया है, जिसने उनके ‘सुपरस्टार’ बनने की कहानी को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

पब्लिसिटी के जरिए बना ‘सुपरस्टार’ का टैग
वायरल हो रहे इस वीडियो में पब्लिसिटी एजेंट तारक नाथ गांधी उस दौर की रणनीति पर खुलकर बात करते नजर आते हैं। उनके अनुसार, मीडिया में खबरें भेजते समय जानबूझकर राजेश खन्ना के नाम के साथ ‘सुपरस्टार’ शब्द जोड़ा जाता था। शुरुआत में कुछ पत्रकार इस शब्द के इस्तेमाल को लेकर असहज थे, लेकिन धीरे-धीरे यह शब्द आम हो गया। उन्होंने बताया कि मीडिया को समझाने और सहयोग लेने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जाते थे, जिससे यह पहचान धीरे-धीरे स्थापित हो गई।
बार-बार दोहराव से बनी मजबूत पहचान
तारक नाथ गांधी ने यह भी बताया कि किसी भी छवि को मजबूत बनाने के लिए उसका लगातार दोहराव जरूरी होता है। जब एक ही शब्द या पहचान बार-बार सामने आती है, तो वह लोगों के बीच सच की तरह स्वीकार कर ली जाती है। यही रणनीति राजेश खन्ना के मामले में भी अपनाई गई, जिससे ‘सुपरस्टार’ शब्द उनके नाम का स्थायी हिस्सा बन गया। उस समय डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं थे, इसलिए मीडिया का प्रभाव और भी ज्यादा था।
वीडियो के सामने आने के बाद बढ़ी चर्चा
इस क्लिप के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग मानते हैं कि यह वीडियो कई लोगों के लिए नया है और इससे फिल्म इंडस्ट्री के उस दौर की कार्यशैली को समझने का मौका मिलता है। वहीं, कुछ यूजर्स का कहना है कि इस तरह की रणनीतियां लंबे समय तक तभी सफल होती हैं, जब कलाकार की लोकप्रियता वास्तविक हो।
स्टारडम को लेकर बंटी राय
वीडियो पर आए कमेंट्स में लोगों की राय भी बंटी हुई नजर आती है। कुछ यूजर्स का मानना है कि किसी भी कलाकार की छवि बनाई जा सकती है, लेकिन उसे लंबे समय तक बनाए रखना आसान नहीं होता। वहीं, कई लोग राजेश खन्ना के समर्थन में कहते हैं कि उनकी सफलता केवल प्रचार का परिणाम नहीं थी, बल्कि उनके काम और दर्शकों से जुड़ाव ने उन्हें उस मुकाम तक पहुंचाया।
रिकॉर्ड और लोकप्रियता आज भी कायम
भले ही ‘सुपरस्टार’ टैग के पीछे की कहानी चर्चा में हो, लेकिन यह भी उतना ही सच है कि राजेश खन्ना की उपलब्धियां आज भी अद्वितीय मानी जाती हैं। लगातार हिट फिल्मों का उनका रिकॉर्ड और दर्शकों के बीच उनकी लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने अपने दौर में अलग पहचान बनाई। यही वजह है कि दशकों बाद भी उनका नाम बॉलीवुड इतिहास में खास स्थान रखता है।