उत्तराखण्ड

PoliticalFraud – राहुल गांधी के नाम पर ठगी मामले में हुए नए खुलासे

PoliticalFraud – उत्तराखंड में कांग्रेस नेताओं के नाम पर हुई कथित ठगी का मामला लगातार गहराता जा रहा है। राहुल गांधी का निजी सहायक बनकर नेताओं से संपर्क करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब इस पूरे प्रकरण में कई नए खुलासे सामने आए हैं। मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी खुलकर प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि इस घटना ने उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशान किया।

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देहरादून में मीडिया से बातचीत के दौरान गणेश गोदियाल भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि आरोपी ने उनसे भी संपर्क किया था और खुद को राहुल गांधी के बेहद करीबी व्यक्ति के रूप में पेश किया था। गोदियाल ने कहा कि शुरुआत में उन्हें भी कुछ समय के लिए उसकी बातों पर भरोसा हुआ, लेकिन जब कथित तौर पर “सेटलमेंट” और नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा होने लगी तो उन्हें संदेह हुआ।

कांग्रेस नेताओं को बनाया गया निशाना

इस मामले में पहले ही कांग्रेस नेता भावना पांडेय ने आरोप लगाया था कि उनसे नेतृत्व परिवर्तन और टिकट दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लिए गए। अब यह बात भी सामने आ रही है कि आरोपी ने सिर्फ भावना पांडेय ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी संपर्क करने की कोशिश की थी।

गोदियाल ने दावा किया कि पिछले कुछ महीनों से उनके खिलाफ राजनीतिक साजिशें रची जा रही थीं और लगातार उनकी छवि खराब करने की कोशिश हो रही थी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि यह साफ हो सके कि इसके पीछे असली उद्देश्य क्या था।

पुलिस जांच पर उठे सवाल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पुलिस जांच की दिशा पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि मामले में अभी कई तथ्य सामने आने बाकी हैं और संभव है कि कुछ अहम जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जा रही हों। उन्होंने पुलिस से मांग की कि बिना किसी दबाव के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाए।

इधर कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने भी माना कि आरोपी ने उनसे संपर्क किया था। उन्होंने कहा कि अब जबकि यह स्पष्ट हो चुका है कि मामला किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि संगठित गिरोह का है, इसलिए गहन जांच जरूरी हो गई है। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पहले ही कह चुके हैं कि उनसे आरोपी का कोई संपर्क नहीं हुआ था।

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी

पुलिस के अनुसार इस मामले में गिरफ्तार आरोपी गौरव कुमार अकेला नहीं था। जांच में कई अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि पुलिस और एसओजी की टीमें बाकी आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क की परतें खुल सकती हैं।

वहीं भावना पांडेय ने प्रेस क्लब में आयोजित बातचीत में कहा कि उन्होंने किसी निजी लाभ के लिए पैसा नहीं दिया था। उनके मुताबिक वह राज्य में सही नेतृत्व और बेहतर राजनीतिक व्यवस्था के उद्देश्य से इस प्रक्रिया में शामिल हुई थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि आरोपी ने कई वरिष्ठ नेताओं पर प्रभाव जमाने की कोशिश की थी।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि रकम लेने पहुंचे आरोपी ने अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए अलग-अलग टैक्सियों का इस्तेमाल किया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस पूरे गिरोह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

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