Governance – केरल में नई सरकार से पहले समने आई सोशल मीडिया पहचान की चुनौती
Governance – केरल में सोमवार को नई सरकार के गठन के साथ कांग्रेस नेता वीडी सतीशन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। उनके साथ 20 मंत्रियों का भी शपथ ग्रहण होगा। लेकिन सरकार बनने से पहले मुख्यमंत्री कार्यालय की डिजिटल पहचान को लेकर एक अलग तरह की समस्या सामने आई है। सतीशन की टीम को आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल हासिल करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

सोशल मीडिया यूजरनेम बना नई चुनौती
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केरल मुख्यमंत्री कार्यालय के नाम से अब तक कोई आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट मौजूद नहीं है। नई सरकार की तैयारी कर रही टीम ने जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रियता बढ़ाने की कोशिश की, तब पता चला कि CMOKerala और CMOKeralam जैसे संभावित यूजरनेम पहले से ही दूसरे लोगों द्वारा पंजीकृत किए जा चुके हैं। इस स्थिति को साइबर स्क्वैटिंग कहा जाता है, जिसमें चर्चित संस्थानों या सार्वजनिक पदों से जुड़े नाम पहले ही सुरक्षित कर लिए जाते हैं।
मेटा से संपर्क में सतीशन की टीम
बताया जा रहा है कि इस समस्या के समाधान के लिए सतीशन की टीम ने मेटा से संपर्क किया है। टीम चाहती है कि मुख्यमंत्री कार्यालय के लिए आधिकारिक और प्रमाणिक यूजरनेम उपलब्ध कराया जाए ताकि नई सरकार की डिजिटल मौजूदगी स्पष्ट रूप से स्थापित हो सके। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह बात भी चर्चा में है कि पूर्व सरकार के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय के लिए किसी स्थायी सोशल मीडिया पहचान को औपचारिक रूप से विकसित नहीं किया गया था।
सोमवार को होगा शपथ ग्रहण समारोह
वीडी सतीशन सोमवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ 20 मंत्री भी मंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। नई कैबिनेट में 14 ऐसे चेहरे शामिल किए गए हैं जो पहली बार मंत्री बनेंगे। मंत्रिमंडल में दो महिला सदस्यों और अनुसूचित जाति समुदाय से दो प्रतिनिधियों को भी जगह दी गई है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन में सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व मिला है, जिसमें आईयूएमएल शामिल है।
सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर
सतीशन ने मंत्रिमंडल गठन को लेकर कहा कि सीमित संख्या के कारण कई वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को जगह नहीं मिल सकी। उन्होंने इसे कांग्रेस के लिए बड़ी राजनीतिक जीत बताया और कहा कि पार्टी ने सामाजिक तथा क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी है। उनके मुताबिक, नए नेताओं को अवसर देना भी संगठन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की पिछली सरकार में अनुसूचित जाति समुदाय का कोई मंत्री नहीं था, जबकि इस बार दो प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। महिला प्रतिनिधित्व को लेकर भी उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हाल के वर्षों की तुलना में बेहतर संतुलन बनाने की कोशिश की है।
पहली कैबिनेट बैठक के बाद होंगे फैसले
नामित मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि शपथ ग्रहण के तुरंत बाद पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक के बाद सरकार अपनी शुरुआती प्राथमिकताओं और फैसलों की घोषणा कर सकती है। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि नई सरकार प्रशासनिक बदलावों के साथ डिजिटल संचार व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दे सकती है।
शपथ समारोह में शामिल होंगे कई बड़े नेता
शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री और विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेता भी कार्यक्रम में मौजूद रह सकते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर, भाकपा नेता बिनॉय विश्वम और आईयूएमएल के प्रतिनिधियों के भी समारोह में पहुंचने की उम्मीद जताई गई है।