Cinema – तमिलनाडु में फिल्म विभाग आवंटन पर शुरू हुई बहस
Cinema – तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के बाद मंत्रियों को विभाग सौंपे जाने के साथ ही फिल्म उद्योग से जुड़ी बहस भी तेज हो गई है। राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की सरकार में शामिल नौ मंत्रियों के विभागों को मंजूरी दे दी है। इसी क्रम में टीवीके विधायक राजमोहन को स्कूल शिक्षा, तमिल विकास और सूचना एवं प्रचार विभाग समेत कई अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं।

राजमोहन को फिल्म टेक्नोलॉजी और सिनेमेटोग्राफ एक्ट से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी मिलने के बाद अभिनेता विशाल ने सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लंबा संदेश साझा करते हुए फिल्म उद्योग से जुड़े कई मुद्दों को उठाया।
विशाल ने जताई चिंता
विशाल ने अपने बयान में कहा कि नई सरकार के गठन और मंत्रियों को जिम्मेदारी मिलने पर उन्हें खुशी है, लेकिन फिल्म क्षेत्र से जुड़े विभाग ऐसे व्यक्ति को दिए जाने पर उन्हें चिंता है, जिनका इस उद्योग से सीधा अनुभव सीमित माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि तमिल फिल्म उद्योग इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रहा है और निर्माताओं तथा प्रोडक्शन हाउस को नीतिगत सहयोग की जरूरत है। विशाल ने यह भी लिखा कि मुख्यमंत्री जोसेफ विजय लंबे समय तक फिल्म उद्योग से जुड़े रहे हैं और उन्हें जमीनी स्तर की समस्याओं की समझ है।
फिल्म उद्योग से जुड़ी प्रमुख मांगें
विशाल ने सरकार के सामने कुछ प्रमुख सुझाव भी रखे। उन्होंने राज्य सरकार से फिल्म टिकटों के लिए सरकारी टिकटिंग व्यवस्था शुरू करने की मांग की, जिससे दर्शकों पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ कम हो सके और सरकार को भी राजस्व प्राप्त हो।
इसके अलावा उन्होंने स्थानीय निकाय कर समाप्त करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि तमिलनाडु में फिल्म उद्योग दोहरी कर व्यवस्था का सामना कर रहा है, जबकि देश में एक समान कर प्रणाली लागू है।
उन्होंने छोटी फिल्मों के लिए दी जाने वाली सब्सिडी बढ़ाने का भी सुझाव दिया। विशाल के मुताबिक, मौजूदा सहायता राशि बहुत सीमित है और स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं को अधिक सहयोग की आवश्यकता है।
सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चा
विशाल के बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने फिल्म उद्योग की समस्याओं पर चर्चा की, जबकि कुछ ने सरकार के फैसलों का समर्थन किया।
विशाल ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी मंत्री का अपमान करना नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से फिल्म उद्योग से जुड़े लोग इन मांगों को उठाते आ रहे हैं और अब उन्हें समाधान की उम्मीद है।
अरुण विजय ने दिया जवाब
अभिनेता अरुण विजय ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के फैसले का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को काम करने का समय दिया जाना चाहिए और जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
अरुण विजय ने यह भी कहा कि सरकार और संबंधित मंत्री फिल्म उद्योग की समस्याओं से परिचित होंगे और उम्मीद है कि समय आने पर उचित फैसले लिए जाएंगे। उन्होंने सभी पक्षों से धैर्य बनाए रखने की अपील की।
नई सरकार पर उद्योग की नजर
तमिलनाडु की नई सरकार में फिल्म जगत से जुड़े मुद्दों को लेकर उद्योग की खास नजर बनी हुई है। चूंकि मुख्यमंत्री जोसेफ विजय खुद लंबे समय तक सिनेमा जगत का हिस्सा रहे हैं, इसलिए फिल्म क्षेत्र को नई नीतियों और राहत उपायों की उम्मीद है।
राजनीतिक और फिल्मी हलकों में माना जा रहा है कि आने वाले समय में सरकार फिल्म उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सकती है, ताकि लंबित मुद्दों पर आगे की रणनीति तय की जा सके।