Adani – अमेरिकी अदालत में गौतम अदाणी को मिली बड़ी कानूनी राहत
Adani – अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी को अमेरिका में चल रहे आपराधिक मामले में बड़ी राहत मिली है। अमेरिकी न्याय विभाग ने दोनों के खिलाफ लगाए गए सभी आपराधिक आरोप वापस लेने का फैसला किया है। इसके साथ ही न्यूयॉर्क में चल रहा प्रतिभूति और धोखाधड़ी से जुड़ा मामला औपचारिक रूप से बंद हो गया है।

अमेरिकी अभियोजकों ने अदालत में दायर दस्तावेजों में कहा कि मामले की समीक्षा के बाद उन्होंने आरोपों को आगे बढ़ाने का निर्णय नहीं लिया। अदालत ने भी अभियोजन पक्ष की सिफारिश स्वीकार करते हुए केस को स्थायी रूप से खारिज करने का आदेश दिया। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इसका अर्थ है कि मौजूदा आरोपों के आधार पर यह मामला दोबारा नहीं खोला जाएगा।
निवेश और खुलासों से जुड़ा था मामला
यह मामला कथित तौर पर निवेशकों को दी गई जानकारी और कुछ कारोबारी लेनदेन से जुड़ा हुआ था। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही थीं कि क्या अमेरिकी निवेशकों से पूंजी जुटाने के दौरान सभी जरूरी जानकारियां सही तरीके से साझा की गई थीं।
पिछले सप्ताह अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग यानी SEC ने सौर ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े एक सिविल मामले का भी निपटारा किया था। इस समझौते के तहत गौतम अदाणी और सागर अदाणी ने बिना किसी गलती को स्वीकार किए आर्थिक भुगतान पर सहमति जताई थी। इसके बाद यह संकेत मिलने लगे थे कि अन्य कानूनी मामलों में भी राहत मिल सकती है।
प्रतिबंध उल्लंघन मामले में भी समझौता
अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय यानी OFAC ने भी अदाणी समूह से जुड़े एक अन्य मामले में समझौते की जानकारी दी थी। यह मामला कथित रूप से ईरान से जुड़े एलपीजी आयात और प्रतिबंध नियमों से संबंधित था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच के दौरान समूह की ओर से अधिकारियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई और कुछ मामलों में स्वैच्छिक खुलासे भी किए गए। इसके बाद समझौते के जरिए मामले को सुलझाने का रास्ता निकला।
पर्याप्त सबूत नहीं मिलने की बात
अदालत में पेश दस्तावेजों के मुताबिक, अमेरिकी अभियोजकों को जांच के दौरान ऐसे पर्याप्त सबूत नहीं मिले जिनके आधार पर आपराधिक आरोपों को मजबूत तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जांच में स्पष्ट अमेरिकी अधिकार क्षेत्र और आरोपों को साबित करने वाले ठोस तथ्यों की कमी भी एक महत्वपूर्ण कारण रही।
यह मामला वर्ष 2024 के आखिर में सामने आया था। उस समय आरोप लगाया गया था कि कुछ कारोबारी सौदों और निवेश संबंधी सूचनाओं में कथित अनियमितताएं हुई थीं। हालांकि अदाणी समूह लगातार इन आरोपों से इनकार करता रहा।
कानूनी टीम ने दी थीं कई दलीलें
मामले के दौरान अदाणी समूह की कानूनी टीम ने अमेरिकी अदालत और एजेंसियों के समक्ष कई तर्क रखे थे। वकीलों ने कहा था कि मामले में अमेरिकी प्रतिभूति कानूनों के अधिकार क्षेत्र को लेकर गंभीर सवाल हैं और आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी आपराधिक मामलों में इस तरह स्थायी रूप से केस बंद होने के फैसले अपेक्षाकृत कम देखने को मिलते हैं। फिलहाल इस फैसले को अदाणी समूह के लिए महत्वपूर्ण कानूनी राहत माना जा रहा है।