राष्ट्रीय

FaltaBypoll – पुनर्मतदान से पहले फालता सीट पर सुरक्षा कड़ी…

FaltaBypoll – पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान से पहले राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। चुनाव आयोग ने इस बार मतदान प्रक्रिया को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए सुरक्षा इंतजामों को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत कर दिया है। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान के अचानक चुनाव मैदान से हटने के फैसले ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

falta bypoll security tightened update

प्रचार के दौरान चर्चा में रहे जहांगीर खान

फालता सीट पर चुनाव प्रचार के दौरान जहांगीर खान सबसे अधिक चर्चा में रहने वाले चेहरों में शामिल थे। उन्होंने अपने भाषणों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में फिल्मी अंदाज अपनाते हुए खुद को मजबूत और दबाव में न झुकने वाला नेता बताया था। कई मौकों पर उन्होंने लोकप्रिय फिल्म “पुष्पा” के संवादों का इस्तेमाल कर समर्थकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश की।

चुनाव प्रचार के दौरान खान ने प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर भी बयान दिए थे और कहा था कि वे किसी दबाव में नहीं आएंगे। हालांकि मतदान से ठीक पहले उनके चुनाव से पीछे हटने के फैसले ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर भी इस फैसले को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

आयोग ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था

चुनाव आयोग ने फालता सीट पर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी मतदान कर्मियों की तैनाती और चुनाव सामग्री का वितरण तय समय पर पूरा किया जा रहा है।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इस बार हर मतदान केंद्र पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के आठ जवान तैनात किए जाएंगे। पिछली बार प्रत्येक बूथ पर चार जवान मौजूद थे। आयोग का कहना है कि सुरक्षा बढ़ाने का उद्देश्य किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को न्यूनतम करना है।

केंद्रीय बलों की तैनाती बढ़ी

फालता विधानसभा क्षेत्र में कुल 285 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव आयोग ने यहां केंद्रीय बलों की लगभग 35 कंपनियां तैनात करने का फैसला किया है। अधिकारियों के मुताबिक, पुनर्मतदान के दौरान सुरक्षा बलों की संख्या पहले की तुलना में लगभग दोगुनी रहेगी।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आयोग इस बार किसी भी तरह की अनियमितता या हिंसा की स्थिति से बचना चाहता है। इसके लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी की व्यवस्था भी की गई है।

निगरानी के लिए कैमरे और ड्रोन

मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए तकनीकी साधनों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, हर मतदान केंद्र के अंदर दो वेब कैमरे और बाहर एक कैमरा लगाया जाएगा। इसके साथ ही लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था भी रहेगी ताकि मतदान प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जा सके।

सूत्रों ने बताया कि कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन निगरानी पर भी विचार किया जा रहा है। आयोग का मानना है कि इससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।

क्विक रिस्पॉन्स टीम भी रहेंगी सक्रिय

चुनाव के दौरान किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए 30 क्विक रिस्पॉन्स टीमों को भी तैयार रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि इन टीमों का उद्देश्य किसी भी छोटी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देना और हालात को नियंत्रण में रखना होगा।

इसी बीच राज्य पुलिस ने भी कई इलाकों में कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है ताकि मतदान के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे।

भाजपा उम्मीदवार पर भी नजर

जहांगीर खान के चुनाव से हटने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने देबांग्शु पांडा को मैदान में उतारा है। अब फालता सीट पर मुकाबला और दिलचस्प माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पुनर्मतदान का परिणाम राज्य की राजनीति में अहम संकेत दे सकता है।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.