Heatwave – पश्चिम यूपी में भीषण लू का कहर, तापमान ने तोड़े रिकॉर्ड
Heatwave – पश्चिम उत्तर प्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को मेरठ समेत कई जिलों में तेज धूप और लू ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। मेरठ में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन माना जा रहा है। सुबह से ही आसमान से आग बरसती रही और दोपहर के समय सड़कों पर लोगों की आवाजाही बेहद कम दिखाई दी। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में हालात और गंभीर होने की आशंका जताई है।

तापमान में लगातार बढ़ोतरी से लोगों की परेशानी बढ़ी
पिछले चार दिनों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले पांच दिनों तक राहत मिलने की संभावना बेहद कम है। अनुमान लगाया जा रहा है कि कुछ इलाकों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार भी जा सकता है। मेरठ के मौसम रिकॉर्ड पर नजर डालें तो यहां अब तक का सबसे अधिक तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा चुका है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय शुष्क और गर्म हवाएं राजस्थान की दिशा से उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रही हैं। हवा में नमी की कमी के कारण बादल बनने की प्रक्रिया भी कमजोर पड़ गई है, जिससे बारिश की संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही।
मेरठ में दिनभर चली गर्म हवाएं
बुधवार को मेरठ में आद्रता का स्तर काफी नीचे चला गया। मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम आद्रता 25 प्रतिशत के आसपास दर्ज की गई। कम नमी और तेज गर्म हवाओं ने हालात को और अधिक मुश्किल बना दिया। दिन के समय बाहर निकलना लोगों के लिए चुनौती बन गया। कई बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर दोपहर के समय सन्नाटा देखने को मिला।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय घरों में रहने, पर्याप्त पानी पीने और जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी है। डॉक्टरों ने भी बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है।
बांदा में 48 डिग्री तापमान ने बढ़ाई चिंता
बुंदेलखंड क्षेत्र का बांदा जिला इस समय प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल हो गया है। बुधवार को यहां अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार तीन दिनों से तापमान इसी स्तर पर बना हुआ है, जिससे आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। दिन के साथ-साथ रात में भी गर्म हवाओं से राहत नहीं मिल रही।
सुबह सात बजे के बाद ही तेज धूप शुरू हो जाती है और दोपहर तक हालात बेहद कठिन हो जाते हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में लोग जरूरी कामों के अलावा घरों से निकलने से बच रहे हैं। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी गर्म हवाएं इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं।
लू से बीमार पड़ रहे लोग
भीषण गर्मी का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बांदा के नरैनी क्षेत्र में बुधवार को सात लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के मुताबिक सभी मरीज लू और डिहाइड्रेशन की समस्या से पीड़ित पाए गए।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को धूप में निकलते समय सिर ढकने, पानी और ORS का सेवन करने तथा लंबे समय तक धूप में रहने से बचने की सलाह दी है। जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायतों में अस्थायी कूलिंग सेंटर तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं।
यात्रियों की संख्या में आई कमी
तेज गर्मी और लू का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी दिखाई देने लगा है। रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डों पर दोपहर के समय यात्रियों की संख्या कम हो गई है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या में करीब 20 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। रेलवे में भी यात्रियों की संख्या में कमी देखी जा रही है।
लोग अब सुबह जल्दी या शाम के समय ही यात्रा करना पसंद कर रहे हैं। दोपहर के समय बस अड्डों और प्लेटफॉर्म पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ नजर आ रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में इसका असर और अधिक दिखाई दे सकता है।