उत्तराखण्ड

Heatwave – उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी से प्रभावित हुआ जनजीवन

Heatwave – उत्तराखंड के मैदानी जिलों में गर्मी ने इस बार समय से पहले ही अपना तीखा असर दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को देहरादून और हरिद्वार समेत कई इलाकों में इस मौसम का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। तेज धूप, गर्म हवाओं और उमस भरे माहौल ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम दिखाई दी और बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में काफी सन्नाटा नजर आया।

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देहरादून में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से करीब पांच डिग्री अधिक बताया गया। गर्म हवाओं का असर इतना तेज था कि लोग घरों से बाहर निकलने से बचते दिखे। जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले, वे चेहरे और सिर को कपड़े से ढंककर चलते नजर आए। कई स्थानों पर दोपहर के समय हालात ऐसे बने कि सड़कें लगभग खाली दिखाई दीं।

मौसम विभाग ने जारी किया हीट स्ट्रोक अलर्ट

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए राज्य के कई जिलों में हीट स्ट्रोक को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार हरिद्वार, देहरादून, उधमसिंह नगर, नैनीताल, पौड़ी और उत्तरकाशी जिलों में गर्मी का असर फिलहाल बना रहेगा। विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों तक तापमान में खास राहत मिलने की संभावना नहीं है।

हालांकि इसके बाद तापमान में दो से तीन डिग्री तक हल्की गिरावट हो सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और लगातार पानी पीते रहने की सलाह दी है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।

अस्पतालों में बढ़ने लगी मरीजों की संख्या

गर्मी बढ़ने के साथ अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। देहरादून समेत कई जिलों के अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त, तेज बुखार, चक्कर और हीट स्ट्रोक जैसी शिकायतों वाले मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी वार्ड और ओपीडी में भीड़ बढ़ने लगी है।

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कुमार जी कौल ने बताया कि इस तरह की गर्मी का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। उन्होंने सलाह दी कि लोग शरीर में पानी की कमी न होने दें और ओआरएस या सामान्य पानी का सेवन लगातार करते रहें। डॉक्टरों ने धूप में लंबे समय तक रहने से बचने की भी अपील की है।

स्कूलों में बच्चों के लिए विशेष निर्देश

तेज गर्मी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने भी एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि बच्चों को समय-समय पर पानी पीने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के निर्देश पर स्कूलों में वाटर बेल व्यवस्था लागू की जा रही है।

इस व्यवस्था के तहत तय समय पर सभी छात्रों को पानी पीने के लिए कहा जाएगा ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। स्कूल प्रशासन को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि परिसर में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध रहे और जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी तैयार रखी जाए।

उत्तर भारत के कई राज्यों में गर्मी का असर

केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत के कई हिस्से इस समय भीषण गर्मी की चपेट में हैं। दिल्ली में बुधवार को अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि आने वाले दिनों में राजधानी का तापमान 47 डिग्री तक पहुंच सकता है।

वहीं उत्तर प्रदेश का बांदा जिला देश का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया, जहां तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने कई राज्यों में गंभीर लू की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है।

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