HeatExhaustion – बच्चों में दिखें ये लक्षण तो तुरंत बरतें सावधानी
HeatExhaustion – गर्मी की छुट्टियों के दौरान बच्चे अक्सर बाहर खेलकूद में ज्यादा समय बिताते हैं। हालांकि तेज धूप, गर्म हवाएं और उमस भरा मौसम बच्चों की सेहत पर तेजी से असर डाल सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों का शरीर तापमान में बदलाव के प्रति अधिक संवेदनशील होता है, इसलिए उनमें डिहाइड्रेशन और हीट एग्जॉशन का खतरा जल्दी बढ़ जाता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक उग्रा के अनुसार, शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है, क्योंकि लापरवाही की स्थिति में यह समस्या हीट स्ट्रोक का रूप ले सकती है।

तेज बुखार और कमजोरी हो सकते हैं शुरुआती संकेत
विशेषज्ञों के मुताबिक अगर बच्चे के शरीर का तापमान सामान्य से ज्यादा महसूस हो और उसे लगातार कमजोरी लगे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। कई बार बच्चों में 100 से 104 डिग्री फारेनहाइट तक बुखार जैसी स्थिति देखी जा सकती है। इसके साथ शरीर में थकान और सुस्ती भी बढ़ने लगती है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में शरीर का तापमान बढ़ना हीट एग्जॉशन का प्रमुख संकेत हो सकता है।
त्वचा और पसीने में बदलाव पर रखें नजर
हीट एग्जॉशन के दौरान बच्चों की त्वचा चिपचिपी और ठंडी महसूस हो सकती है। अत्यधिक पसीना आना भी शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी की ओर इशारा करता है। अगर बच्चा बार-बार प्यास लगने की शिकायत करे या सामान्य से ज्यादा पानी मांगे, तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत माना जा सकता है। ऐसे मामलों में तुरंत शरीर में तरल पदार्थ की कमी पूरी करना जरूरी बताया गया है।
सिरदर्द और चिड़चिड़ापन भी हो सकते हैं लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तेज गर्मी का असर बच्चों के व्यवहार पर भी दिख सकता है। अचानक चिड़चिड़ापन, बेचैनी या बार-बार सिरदर्द की शिकायत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार बच्चे थकान या असहजता की वजह से सामान्य व्यवहार से अलग प्रतिक्रिया देने लगते हैं। यह स्थिति शरीर में बढ़ते तापमान और कमजोरी से जुड़ी हो सकती है।
मांसपेशियों में ऐंठन और उल्टी की समस्या
गर्मी में लंबे समय तक रहने से बच्चों की मांसपेशियों में दर्द या ऐंठन की परेशानी भी बढ़ सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक शरीर में जरूरी मिनरल्स की कमी होने पर पैरों और शरीर में क्रैम्प्स महसूस हो सकते हैं। कुछ बच्चों में उल्टी या मतली की शिकायत भी देखी जाती है, जो गंभीर डिहाइड्रेशन की तरफ संकेत कर सकती है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
हीट एग्जॉशन दिखे तो तुरंत करें ये उपाय
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बच्चे को तुरंत धूप से हटाकर ठंडी और हवादार जगह पर ले जाना चाहिए। शरीर का तापमान कम करने के लिए गीले तौलिये से शरीर पोंछना फायदेमंद माना जाता है। जरूरत पड़ने पर हल्के ठंडे पानी से नहलाया भी जा सकता है। बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी या इलेक्ट्रोलाइट्स वाले पेय देना जरूरी है ताकि शरीर में पानी की कमी पूरी हो सके।
गर्मी से बचाव के लिए अपनाएं ये सावधानियां
डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर के समय बच्चों को लंबे समय तक बाहर खेलने से बचाना चाहिए। हल्के रंग और सूती कपड़े पहनाने से शरीर को आराम मिलता है। बाहर निकलते समय टोपी, छाता और पानी साथ रखना भी जरूरी माना गया है। अगर बच्चा अत्यधिक सुस्त दिखाई दे, बार-बार उल्टी करे या पानी पीने में परेशानी हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।