BorderSecurity – जारी हुए पाकिस्तान सीमा से सटे अवैध निर्माण हटाने के निर्देश
BorderSecurity – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत-पाकिस्तान सीमा से जुड़े संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त बनाने के लिए बड़ा निर्देश जारी किया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में बने सभी अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है। सरकार का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों, तस्करी और घुसपैठ पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना बताया जा रहा है।

सीमावर्ती जिलों को दिए गए विशेष निर्देश
गृह मंत्रालय के अनुसार, यह फैसला राजस्थान दौरे के दौरान हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद लिया गया। अमित शाह ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि सीमा के पास बने किसी भी अनधिकृत ढांचे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे निर्माणों को तत्काल हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
अधिकारियों को बैंकिंग गतिविधियों की निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच करने और फर्जी खातों की पहचान करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों और उनके वित्तीय स्रोतों का सत्यापन करने पर जोर दिया गया है। गृह मंत्रालय का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक अपराधों और अवैध नेटवर्क पर नियंत्रण के लिए यह कदम आवश्यक है।
तस्करी और घुसपैठ रोकने पर फोकस
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सीमा पार से होने वाली घुसपैठ, मादक पदार्थों की तस्करी, हथियारों की आवाजाही और आतंकवाद से जुड़े आर्थिक नेटवर्क पर रोक लगाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। अधिकारियों के मुताबिक, सीमा के पास अवैध निर्माण कई बार आपराधिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए निगरानी चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
इसी वजह से सीमा प्रबंधन को लेकर बहु-स्तरीय समन्वय रणनीति अपनाने पर जोर दिया गया है। इसमें बीएसएफ, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, कर विभाग और राज्य प्रशासन को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीकानेर में हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक
मंगलवार को बीकानेर में आयोजित समीक्षा बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और सीमावर्ती जिलों के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और फलोदी जिलों की सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
गृह मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध और नशीले पदार्थों के नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर स्थायी समाधान तैयार किए जाएं। उन्होंने हर जिले में “360 डिग्री सुरक्षा मॉडल” विकसित करने की जरूरत बताई, जिसमें स्थानीय नागरिकों, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।
सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी जोर
बैठक में ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम’ के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। सरकार चाहती है कि सीमावर्ती गांवों तक सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पूरी तरह पहुंचे, ताकि वहां रहने वाले लोगों का जीवनस्तर बेहतर हो सके और वे विकास की मुख्यधारा से जुड़े रहें।
अमित शाह ने साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए हेल्पलाइन 1930 के बेहतर उपयोग की भी बात कही। अधिकारियों को अगले दो महीनों में कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा चुनौतियों के बीच बढ़ी सतर्कता
भारत और पाकिस्तान के बीच लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क रहती हैं। पिछले कुछ वर्षों में सीमा पार से तस्करी, ड्रोन गतिविधियों और घुसपैठ की घटनाओं को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की गई है।
सरकार का मानना है कि सीमावर्ती इलाकों में अवैध ढांचों पर कार्रवाई और निगरानी तंत्र को मजबूत करने से सुरक्षा चुनौतियों को कम करने में मदद मिलेगी। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।