PropertyTax – पटना में संपत्ति कर की नई दरें लागू, 15 फीसदी हुई बढ़ोतरी
PropertyTax – पटना नगर निगम क्षेत्र में मकान, दुकान और अन्य भवनों के मालिकों को अब पहले की तुलना में अधिक संपत्ति कर देना होगा। नगर विकास एवं आवास विभाग की स्वीकृति के बाद नगर निगम ने संपत्ति कर की दरों में 15 प्रतिशत की वृद्धि लागू कर दी है। नई दरें 24 जून से प्रभावी हो गई हैं। निगम का कहना है कि लंबे समय बाद कर दरों में संशोधन किया गया है, जिससे शहर के विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे।

1995 के बाद पहली बार बढ़ीं दरें
नगर निगम के अनुसार संपत्ति कर में यह संशोधन वर्ष 1995 के बाद किया गया है। विभाग ने 22 जून 2026 को नई दरों को लागू करने की अनुमति प्रदान की थी। अधिकारियों का कहना है कि बढ़े हुए राजस्व का उपयोग शहरी आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, सफाई व्यवस्था, सड़कों के रखरखाव, जलनिकासी, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर किया जाएगा।
व्यावसायिक और आवासीय भवनों पर नई दरें
नई व्यवस्था के तहत भवन के उपयोग और उसके स्थान के आधार पर कर की दरें तय की गई हैं। प्रमुख और मुख्य सड़कों के किनारे स्थित व्यावसायिक भवनों पर अधिक दर लागू होगी, जबकि आवासीय भवनों पर अपेक्षाकृत कम कर लिया जाएगा। अन्य सड़कों पर स्थित भवनों के लिए भी अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार संशोधित दरें निर्धारित की गई हैं।
आरसीसी भवनों के लिए अलग प्रावधान
नगर निगम ने आरसीसी छत वाले पक्के भवनों के लिए भी नई कर दरें निर्धारित की हैं। प्रधान मुख्य सड़क पर स्थित पूर्णतः व्यावसायिक आरसीसी भवनों पर सबसे अधिक कर लागू होगा। वहीं मिश्रित उपयोग वाले भवनों और केवल आवासीय मकानों के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं। इसका उद्देश्य भवन की प्रकृति और उपयोग के अनुसार कर निर्धारण करना है।
सीमेंट शीट वाले भवन भी नई व्यवस्था में शामिल
सीमेंट शीट की छत वाले पक्के भवनों के लिए भी संशोधित कर दरें लागू की गई हैं। मुख्य, प्रधान मुख्य और अन्य सड़कों के आधार पर व्यावसायिक तथा आवासीय भवनों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। नगर निगम का कहना है कि यह वर्गीकरण पहले से लागू व्यवस्था के अनुरूप ही है, केवल दरों में संशोधन किया गया है।
फ्लैट और अन्य भवनों पर भी लागू होंगी नई दरें
नई कर व्यवस्था फ्लैट और अन्य श्रेणी के भवनों पर भी प्रभावी होगी। सड़क की श्रेणी और भवन के उपयोग के अनुसार संपत्ति कर का निर्धारण किया जाएगा। निगम ने स्पष्ट किया है कि सभी करदाताओं पर संशोधित दरें समान नियमों के तहत लागू होंगी और उनका आकलन निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा।
नगर निगम ने बताई बढ़ोतरी की वजह
नगर निगम का कहना है कि शहर की बढ़ती आबादी और आधारभूत सुविधाओं की मांग को देखते हुए वित्तीय संसाधनों में वृद्धि आवश्यक हो गई थी। अतिरिक्त राजस्व का उपयोग सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और शहरी विकास परियोजनाओं को गति देने में किया जाएगा। नागरिकों से समय पर कर जमा करने की अपील भी की गई है।