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PlaybackSingers – जब रिकॉर्डिंग स्टूडियो से लौटाए गए थे आशा भोसले और किशोर कुमार, वर्षों बाद बदला वक्त…

PlaybackSingers – हिंदी फिल्म संगीत के दो दिग्गज कलाकार आशा भोसले और किशोर कुमार ने अपने करियर में अनगिनत यादगार गीत दिए, लेकिन शुरुआती दिनों में उन्हें भी संघर्ष का सामना करना पड़ा। आशा भोसले ने एक बातचीत के दौरान उस दौर का एक ऐसा किस्सा साझा किया, जब एक रिकॉर्डिंग स्टूडियो में उनकी और किशोर कुमार की आवाज को पसंद नहीं किया गया और दोनों को वहां से वापस भेज दिया गया।

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शुरुआती दौर में मिला निराशाजनक अनुभव

आशा भोसले ने अमृता राव और आरजे अनमोल के पॉडकास्ट में बताया कि उस समय रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया आज की तुलना में काफी अलग और लंबी हुआ करती थी। उन्होंने बताया कि रिकॉर्डिंग के दौरान मौजूद रिकॉर्डिस्ट रॉबिन चटर्जी ने उनकी और किशोर कुमार की आवाज सुनने के बाद साफ कह दिया कि यह रिकॉर्डिंग उपयुक्त नहीं है और किसी दूसरे गायक को बुलाया जाए। यह सुनकर दोनों कलाकार बिना कोई बहस किए स्टूडियो से बाहर निकल गए।

स्टेशन पर बिताया कठिन समय

आशा भोसले के मुताबिक, स्टूडियो से निकलने के बाद वे दोनों महालक्ष्मी रेलवे स्टेशन पहुंचे। काफी समय बीत चुका था और दोनों को भूख भी लग रही थी। वहां उन्होंने खाना खाया और चाय पी। उस घटना से किशोर कुमार काफी निराश थे, जबकि आशा भोसले ने सकारात्मक सोच बनाए रखी। उन्होंने उस समय भी किशोर कुमार से कहा था कि एक दिन वे बड़े कलाकार जरूर बनेंगे।

वर्षों बाद फिर हुई उसी रिकॉर्डिस्ट से मुलाकात

समय बीतने के बाद जब दोनों एक सफल गायक-गायिका बन चुके थे, तब एक रिकॉर्डिंग के दौरान उनकी मुलाकात फिर उसी रिकॉर्डिस्ट से हुई। आशा भोसले ने बताया कि रिकॉर्डिस्ट को देखते ही किशोर कुमार ने उन्हें पहचान लिया और पुरानी घटना याद आ गई। उन्होंने नाराजगी जताते हुए यहां तक कह दिया कि यदि वही रिकॉर्डिस्ट रहेगा तो वह रिकॉर्डिंग नहीं करेंगे।

आशा भोसले ने शांत कराया माहौल

आशा भोसले ने बताया कि उन्होंने किशोर कुमार को समझाया कि पुरानी बातों को लेकर किसी की नौकरी पर असर डालना ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उस समय परिस्थितियां अलग थीं और अब उन्हें आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि, आशा के समझाने के बावजूद किशोर कुमार ने रिकॉर्डिस्ट से अपनी नाराजगी जाहिर की। आशा ने इस पूरे घटनाक्रम को किस्मत का खेल बताते हुए कहा कि समय ने आखिरकार दोनों कलाकारों को नई पहचान दिलाई।

दोस्ती में शामिल था हंसी-मजाक

आशा भोसले ने अपनी और किशोर कुमार की दोस्ती का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि शुरुआती रिकॉर्डिंग के दौरान एक गीत गाते समय उन्होंने मराठी उच्चारण के अनुसार “दो” की जगह “दौन” कहा था। इसके बाद किशोर कुमार उन्हें मजाक में “दौन” कहकर बुलाने लगे। कई बार वह कोरस सिंगर्स के साथ मिलकर भी उन्हें छेड़ते थे, लेकिन समय के साथ यह हंसी-मजाक उनकी गहरी दोस्ती का हिस्सा बन गया।

कपड़ों से पहचान लेती थीं किशोर कुमार का मूड

आशा भोसले ने यह भी बताया कि वह अक्सर किशोर कुमार के पहनावे से उनका मूड समझ जाती थीं। उनके अनुसार, अगर किशोर कुमार सफेद कुर्ता-धोती और टोपी पहनकर आते थे तो समझ में आ जाता था कि उनका मूड अच्छा है। वहीं, यदि वे लुंगी या बिखरे बालों में नजर आते, तो वह उनसे कम बातचीत करती थीं। बाद में किशोर कुमार मजाकिया अंदाज में कहते थे कि उन्हें आशा के मन की बात समझ में आ जाती है। आशा ने बताया कि किशोर कुमार उन्हें अपनी छोटी बहन की तरह मानते थे।

साथ दिए कई यादगार गीत

आशा भोसले और किशोर कुमार की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को कई लोकप्रिय गीत दिए। “ओ मेरी सोनी”, “एक मैं और एक तू”, “आज रपट जाएं तो”, “ओ साथी चल”, “खुल्लम खुल्ला प्यार करेंगे”, “ये रातें ये मौसम”, “छोड़ दो आंचल” और “हाल कैसा है जनाब का” जैसे गीत आज भी संगीत प्रेमियों के बीच बेहद पसंद किए जाते हैं।

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