WeatherUpdate – बांदा समेत तराई में मौसम ने बदला रुख, गर्मी से राहत के संकेत
WeatherUpdate – उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ली। बांदा जिले में सुबह के समय आसमान में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी होने से लोगों को राहत की उम्मीद जगी, लेकिन कुछ ही देर बाद तेज धूप निकल आई और दिनभर भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल रखा। तेज लू और तपती सड़कों के कारण दोपहर के समय बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर आवाजाही काफी कम दिखाई दी। मौसम विभाग के अनुसार जिले में अधिकतम तापमान 47.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 30 डिग्री रहा।

सुबह की बूंदाबांदी के बाद बढ़ी उमस
बुधवार सुबह करीब पांच बजे मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिला। बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश के कारण लोगों को लगा कि नौतपा के बीच चल रही भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि सूरज निकलते ही उमस और गर्म हवाओं ने हालात फिर मुश्किल कर दिए। सुबह सात बजे के बाद से ही धूप तेज होने लगी और करीब दस बजे के बाद पश्चिमी दिशा से चलने वाली गर्म हवाओं ने लोगों को झुलसा दिया।
सड़क पर निकलने वाले लोग सिर और चेहरा ढककर चलते नजर आए। कई जगहों पर राहगीर पेड़ों की छांव या दुकानों के बाहर रुककर बेल का शरबत और गन्ने का रस पीते दिखे। शाम तक गर्मी का असर बना रहा, जिससे सामान्य दिनों की तुलना में बाजारों में भीड़ कम रही।
मौसम विभाग ने जारी किया पूर्वानुमान
कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिनेश शाहा ने बताया कि आने वाले दिनों में भी तापमान में ज्यादा राहत मिलने की संभावना नहीं है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहने का अनुमान जताया गया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल लू का असर बना रहेगा, हालांकि कुछ इलाकों में हल्के बादल और छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है।
तराई क्षेत्रों में राहत भरे बदलाव के संकेत
तराई क्षेत्र में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलता दिखाई दे रहा है। लगातार पड़ रही गर्मी और उमस के बीच मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार प्रदेश के तराई इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं और रुक-रुक कर बारिश होने के आसार हैं। इसके साथ करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान भी लगाया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन बदलावों से दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है। अधिकतम तापमान 44 डिग्री से घटकर 33 से 34 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। इससे उमस और हीटवेव से परेशान लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है बारिश
विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी बारिश किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। धान की नर्सरी तैयार करने और सब्जियों की फसलों के लिए मिट्टी में नमी बढ़ने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्र ने बताया कि 29 और 30 मई को तराई के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना मजबूत बनी हुई है।
उन्होंने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह भी दी है। आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और कमजोर निर्माण वाली जगहों से दूर रहने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि पिछले दो दिनों से तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा रही है और आने वाले दिनों में इसका असर और स्पष्ट दिखाई दे सकता है।