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BorderSecurity – सीमा प्रबंधन और घुसपैठ रोकने पर अमित शाह ने दिया बड़ा बयान

BorderSecurity – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल और भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए दावा किया कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर क्षेत्र में 121 हेक्टेयर भूमि केंद्र सरकार को हस्तांतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में यह एक अहम कदम है। शाह के अनुसार, राज्य में नई सरकार बनने के बाद सीमा क्षेत्रों में कई प्रक्रियाओं को तेज गति से आगे बढ़ाया गया है।

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सीमा पर बाड़बंदी को लेकर सरकार का दावा

एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने की योजनाओं को तेजी मिली है। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार बनने के कुछ ही दिनों के भीतर सीमा सुरक्षा बल को बाड़बंदी के लिए बड़ी मात्रा में भूमि उपलब्ध कराई गई। उनके मुताबिक, इससे लंबे समय से लंबित कई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है सिलीगुड़ी कॉरिडोर

सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे आमतौर पर “चिकन नेक” के नाम से भी जाना जाता है, देश के पूर्वोत्तर राज्यों को मुख्य भूभाग से जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। यह संकरा भू-भाग राष्ट्रीय सुरक्षा और संपर्क व्यवस्था दोनों के लिहाज से संवेदनशील है। शाह ने कहा कि इस क्षेत्र में भूमि हस्तांतरण से सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में सुविधा होगी।

अवैध प्रवासन पर सरकार की सख्त नीति

गृह मंत्री ने अवैध प्रवासन के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसे लोगों की पहचान करना है जो बिना वैध दस्तावेजों के देश में रह रहे हैं। शाह ने दावा किया कि कुछ क्षेत्रों में ऐसे लोगों के स्वेच्छा से अपने मूल देश लौटने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि यह प्रक्रिया कानून के दायरे में और शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो।

जनसांख्यिकीय बदलावों की जांच करेगी समिति

अमित शाह ने बताया कि अवैध प्रवासन और उससे जुड़े जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के अध्ययन के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। यह समिति देश के विभिन्न क्षेत्रों में जनसंख्या संरचना में आए बदलावों के कारणों की समीक्षा करेगी। साथ ही यह भी जांचेगी कि मौजूदा कानूनी ढांचा पर्याप्त है या स्थिति से निपटने के लिए नए प्रावधानों की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नाओलेकर की अध्यक्षता में गठित यह समिति एक वर्ष के भीतर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी।

विकास परियोजनाओं का भी हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने लगभग 340 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर समान रूप से काम कर रही है। शाह के अनुसार, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

राजनीतिक परिदृश्य पर भी बोले शाह

अपने संबोधन में अमित शाह ने देश के राजनीतिक हालात का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी वर्तमान समय में देश के बड़े हिस्से में शासन कर रही है। शाह ने पश्चिम बंगाल की राजनीति का जिक्र करते हुए दावा किया कि राज्य में हाल के चुनावों के बाद राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय से विकास और सुरक्षा से जुड़े कार्यों को गति मिल रही है।

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