DiplomaticSecurity – ब्रैम्पटन में भारतीय राजनयिक के काफिले के पास विरोध प्रदर्शन से उठा विवाद
DiplomaticSecurity – कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में भारतीय राजनयिक दिनेश पटनायक के काफिले के आसपास हुए एक विरोध प्रदर्शन ने नई चर्चा को जन्म दिया है। घटना 26 मई 2026 को पियर्सन कन्वेंशन सेंटर के बाहर हुई, जहां कुछ प्रदर्शनकारी भारत से जुड़े मुद्दों को लेकर एकत्रित हुए थे। सोशल मीडिया और विभिन्न रिपोर्टों में सामने आए वीडियो में प्रदर्शनकारियों को भारतीय राजनयिक के काफिले के निकट नारेबाजी करते हुए देखा गया।

काफिले के पास जुटे प्रदर्शनकारी
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल कुछ लोग अपने बैनर और झंडों के साथ सड़क किनारे मौजूद थे। वीडियो फुटेज में कुछ प्रदर्शनकारियों को काफिले के वाहनों के करीब जाते हुए भी देखा गया। इसी दौरान नारेबाजी हुई और कुछ समय के लिए वहां तनावपूर्ण माहौल बन गया। हालांकि काफिला बाद में अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ गया।
तिरंगे के अपमान के आरोपों ने बढ़ाई चिंता
घटना के दौरान भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। वीडियो और तस्वीरों में सड़क किनारे तिरंगे का फटा हुआ हिस्सा दिखाई देने का दावा किया गया है। इस घटनाक्रम को लेकर भारतीय समुदाय के कुछ संगठनों और लोगों ने चिंता व्यक्त की है। उनके अनुसार, राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को बनाए रखना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
घटनास्थल पर स्थानीय पुलिस बल की मौजूदगी की भी पुष्टि हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो के आधार पर यह चर्चा शुरू हुई कि सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त थी या नहीं। कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, जबकि अन्य पक्षों ने आरोप लगाया कि स्थिति को संभालने के लिए अधिक प्रभावी कदम उठाए जा सकते थे। इस मामले में स्थानीय प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
भारत-कनाडा संबंधों के बीच हुई घटना
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब भारत और कनाडा के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग से जुड़े विषयों पर बातचीत जारी है। इसी दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी कनाडा दौरे पर हैं। ऐसे में राजनयिक गतिविधियों से जुड़े किसी भी विवाद को दोनों देशों के संबंधों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
पहले भी विवादों में रहे हैं द्विपक्षीय संबंध
भारत और कनाडा के बीच पिछले कुछ वर्षों में कई संवेदनशील मुद्दों को लेकर मतभेद सामने आए हैं। वर्ष 2023 में खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सार्वजनिक आरोप लगाए थे। भारत ने उन आरोपों को अस्वीकार करते हुए उन्हें निराधार बताया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर पर तनाव बढ़ा और 2024 में दोनों पक्षों ने कुछ राजनयिक अधिकारियों को वापस बुलाने तथा निष्कासित करने जैसे कदम उठाए थे।
वर्तमान उच्चायुक्त ने 2025 में संभाला था दायित्व
दिनेश पटनायक ने सितंबर 2025 में कनाडा में भारत के उच्चायुक्त के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। विदेश सेवा में लंबे अनुभव रखने वाले पटनायक विभिन्न देशों में राजनयिक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। ब्रैम्पटन की हालिया घटना के बाद भारतीय समुदाय और राजनयिक हलकों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
फिलहाल इस मामले को लेकर दोनों देशों की आधिकारिक एजेंसियों की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।