उत्तर प्रदेश

DonationTheft – राम मंदिर चढ़ावा मामले में रिमांड को लेकर उठे नए सवाल

DonationTheft – अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा अनियमितता मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ अब जांच प्रक्रिया के कुछ पहलुओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस अब तक गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से छह से कस्टडी रिमांड के दौरान पूछताछ कर चुकी है। हालांकि, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और उनके रिश्तेदार मनीष यादव को अब तक पुलिस रिमांड पर नहीं लिए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।

ram mandir donation probe

अब तक जांच में क्या हुआ

जांच के दौरान 26 जून को पुलिस ने कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद अलग-अलग चरणों में कुछ आरोपियों से पुलिस कस्टडी में पूछताछ की गई। हाल ही में अदालत ने गणना प्रभारी रहे सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव और आरोपी रमाशंकर मिश्र की 14 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की। इसके बाद दोनों को जेल से लाकर पूछताछ की गई और जांच टीम ने मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटाई।

दो आरोपियों को लेकर चर्चाओं का दौर

इस बीच लोगों का ध्यान इस बात पर गया कि टिन्नू यादव और मनीष यादव को अभी तक पुलिस रिमांड पर क्यों नहीं लिया गया। सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें सामने आ रही हैं। कुछ पोस्ट में यह दावा भी किया जा रहा है कि जांच एजेंसी इन दोनों के मामले में अलग रुख अपना रही है। हालांकि, इन दावों की किसी भी सरकारी एजेंसी या पुलिस ने पुष्टि नहीं की है और इन्हें फिलहाल केवल सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के रूप में ही देखा जा रहा है।

पुलिस की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान

जांच अधिकारियों ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि दोनों आरोपियों की कस्टडी रिमांड की आवश्यकता क्यों नहीं समझी गई या भविष्य में ऐसी कोई मांग अदालत से की जाएगी या नहीं। ऐसे में जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने तक इस विषय पर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं माना जा सकता। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है।

मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं की भी हो रही समीक्षा

इधर, राम मंदिर परिसर में सुरक्षा और हाउसकीपिंग व्यवस्था की भी समीक्षा शुरू कर दी गई है। मंदिर की सुरक्षा पहले से केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों के जिम्मे है। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निजी सुरक्षा एजेंसियों और सफाई से जुड़ी कंपनियों के कर्मचारी भी तैनात हैं। अब इन व्यवस्थाओं की उपयोगिता और कर्मचारियों की संख्या का पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है।

अनुबंध और कर्मचारियों की तैनाती की जांच

सूत्रों के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए महासचिव कृष्ण मोहन ने सुरक्षा और सफाई से जुड़ी सभी एजेंसियों के अनुबंधों का विवरण मंगाया है। इनके भुगतान, कार्यप्रणाली और वास्तविक आवश्यकता का भी आकलन किया जा रहा है। साथ ही ऐसे कर्मचारियों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, जिन्हें नियुक्ति किसी अन्य कार्य के लिए मिली थी लेकिन वे अलग जिम्मेदारियां निभा रहे थे। ट्रस्ट अब कर्मचारियों को उनकी मूल नियुक्ति के अनुरूप कार्य आवंटित करने की दिशा में भी विचार कर रहा है।

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